पद्मश्री अनुज शर्मा के छत्तीसगढ़ी सुरों से झूमा चांपा का भालेराव मैदान, रावण दहन के आयोजन में उमड़ा जनसैलाब

जांजगीर-चांपा जिले में विजयादशमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। चांपा के ऐतिहासिक भालेराव मैदान में आयोजित भव्य रावण दहन कार्यक्रम में पद्मश्री अनुज शर्मा ने अपनी छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने सत्य, धर्म और मर्यादा की विजय का संदेश देते हुए कहा कि अहंकार कितना भी ऊंचा हो, अंततः जीत सत्य की ही होती है। कार्यक्रम के बाद उन्होंने नैला-जांजगीर में 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित लेजर शो का अवलोकन किया।

Oct 22, 2026 - 10:28
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पद्मश्री अनुज शर्मा के छत्तीसगढ़ी सुरों से झूमा चांपा का भालेराव मैदान, रावण दहन के आयोजन में उमड़ा जनसैलाब

UNITED NEWS OF ASIA. जांजगीर-चांपा l असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व जांजगीर-चांपा जिले में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चांपा के ऐतिहासिक भालेराव मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कलाकार और पद्मश्री अनुज शर्मा मुख्य आकर्षण रहे। उनकी उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया। मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने विजयादशमी के पर्व का आनंद लिया।

छत्तीसगढ़ी गीतों पर झूमे दर्शक

विजयादशमी की सांस्कृतिक संध्या में अनुज शर्मा ने अपनी आवाज और ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भजनों और लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर स्थानीय संस्कृति की खूबसूरती को मंच पर जीवंत किया। उनके गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। तालियों की गूंज और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच भालेराव मैदान छत्तीसगढ़िया रंग में रंगा दिखाई दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कलाकार की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद उठाया।

नैला में मां दुर्गा के 35 फीट ऊंचे स्वरूप के किए दर्शन

चांपा में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद पद्मश्री अनुज शर्मा नैला-जांजगीर स्थित प्रसिद्ध दुर्गा पंडाल पहुंचे। यहां स्थापित मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा के दर्शन कर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने पंडाल में आयोजित विशेष लेजर शो का भी अवलोकन किया।

आधुनिक तकनीक से तैयार लेजर शो में हिंदू पौराणिक कथाओं, देवी-देवताओं के प्रसंगों और विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया गया। आकर्षक रोशनी और दृश्य प्रस्तुति ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। धार्मिक आस्था और तकनीक के संगम ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।

अहंकार कितना भी ऊंचा हो, जीत सत्य की ही होती है: अनुज शर्मा

विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए अनुज शर्मा ने कहा कि चांपा की पावन भूमि पर लोगों के बीच उपस्थित होकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि रावण दहन केवल एक पुतले को जलाने की परंपरा नहीं है, बल्कि यह अहंकार, असत्य और अधर्म के अंत का प्रतीक है। अहंकार कितना भी ऊंचा क्यों न हो और असत्य कितना भी शक्तिशाली दिखाई दे, अंततः विजय सत्य, धर्म और मर्यादा की ही होती है।

उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों और सिद्धांतों को नहीं छोड़ना चाहिए। नैला में मां दुर्गा के दर्शन और लेजर शो के अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को समाज की वास्तविक ताकत बताया।

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह का संगम

भालेराव मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम और नैला-जांजगीर के दुर्गा पंडाल में धार्मिक प्रस्तुतियों ने विजयादशमी के उत्सव को खास बनाया। आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम ने सत्य की विजय का संदेश देने के साथ छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और धार्मिक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत की।