‘ज्ञानू को जाना होगा’ नारे के साथ जेल से बाहर आते ही सौरव दास ने फिर उठाई CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को सात दिन बाद दिल्ली की स्पेशल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद सौरव दास ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सोशल मीडिया पर ‘Gyanu Has to Go’ लिखा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी आंदोलन के समर्थन में बयान दिया। नेताओं ने कानून का पालन करते हुए आगे की रणनीति जारी रखने के संकेत दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को करीब सात दिन बाद दिल्ली की स्पेशल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद भी दोनों नेताओं के तेवर में बदलाव नजर नहीं आया। जेल से बाहर आते ही सौरव दास ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पहली पोस्ट में लिखा, “Gyanu has to go”, जिसका अर्थ है कि ज्ञानू को जाना होगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इसी नारे के जरिए अपनी मांग दोहराई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। बताया गया कि 12 अक्टूबर को प्रशासन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर रोक संबंधी आदेश जारी किया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका वहां प्रदर्शन करने पहुंचे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। शांति व्यवस्था से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में उन्हें हिरासत में रखा गया और बाद में जेल भेज दिया गया।
21 अक्टूबर को दोनों नेताओं को जमानत मिलने का रास्ता तब साफ हुआ, जब उन्होंने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष लिखित आश्वासन दिया कि जंतर-मंतर को कानून के अनुसार दोबारा प्रदर्शन के लिए अधिसूचित किए जाने तक वे वहां विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे और शांति बनाए रखेंगे। इसके बाद अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया। CJP ने अपने नेताओं की रिहाई का स्वागत किया।
रिहाई के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया पर ‘ज्ञानू को जाना होगा’ लिखकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को फिर से सामने रखा। वहीं, अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका की तारीफ करते हुए उन्हें अपने से बेहतर और बड़े नेता बताया। उन्होंने अपने संदेश में दोनों के प्रति समर्थन जताया और कहा कि वे अपने नेताओं के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार हैं।
अभिजीत दीपके ने दोनों नेताओं का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे हाथों में तिरंगा लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते दिखाई देते हैं। वीडियो में आशुतोष रांका ‘भारत माता की जय’ और सौरव दास ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आते हैं। इसके बाद दोनों ‘ज्ञानू मस्ट गो’ का नारा लगाते हैं।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि जमानत पर रिहाई के बाद भी CJP नेताओं ने अपनी राजनीतिक मांग वापस नहीं ली है। हालांकि, जमानत की शर्तों के तहत जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया गया है। आगे आंदोलन किस रूप में जारी रहेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।