कवर्धा: कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर नंदनी-कुमान में घर-घर स्वास्थ्य जांच, बच्चों के पोषण और कमजोरी पर विशेष जोर

कवर्धा जिले के ग्राम नंदनी-कुमान में कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने घर-घर पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्वे किया। अभियान का उद्देश्य बच्चों में बीमारी, कुपोषण और शारीरिक कमजोरी की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने मितानिनों, स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली।

Oct 22, 2026 - 11:38
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कवर्धा: कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर नंदनी-कुमान में घर-घर स्वास्थ्य जांच, बच्चों के पोषण और कमजोरी पर विशेष जोर

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l जिले के ग्राम नंदनी-कुमान में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति बेहतर बनाने के उद्देश्य से घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्वे अभियान चलाया गया। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। अभियान के दौरान बच्चों में संभावित बीमारियों, कुपोषण और शारीरिक कमजोरी के लक्षणों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान टीम ने बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया। अभियान का प्रमुख उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित समस्याओं की समय रहते पहचान करना और आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच, उपचार तथा स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। घर-घर पहुंचकर किए गए इस सर्वे से बच्चों के स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति जानने और जरूरतमंद परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अभियान के दौरान डिप्टी कलेक्टर सागर सिंह राज, शिल्पा देवांगन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे ने क्षेत्र की मितानिनों, स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने गांव में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, बच्चों की पोषण स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जानकारी ली। अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बच्चों की देखभाल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की, ताकि जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई बार बीमारी, पोषण की कमी या शारीरिक कमजोरी के शुरुआती लक्षण समय पर सामने नहीं आ पाते। ऐसे में घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से बच्चों की स्थिति का आकलन करना और आवश्यकतानुसार उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के अभियान से स्वास्थ्य विभाग को जरूरतमंद बच्चों की पहचान करने और उनके उपचार के लिए आगे की कार्रवाई तय करने में सहायता मिल सकती है।

जिला प्रशासन की इस पहल में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक विकास को प्राथमिकता दी गई। अभियान के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करने और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने मितानिनों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ चर्चा कर गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को समझा, जिससे बच्चों की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा सकें।

ग्राम नंदनी-कुमान में संचालित यह अभियान बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों का हिस्सा है। समय पर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, उचित उपचार और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। जिला प्रशासन का जोर है कि जरूरतमंद बच्चों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं पर प्रभावी ढंग से ध्यान दिया जाए।