SBI साइबर हमले और डेटा लीक की खबर पर विकास उपाध्याय ने उठाए सवाल, केंद्र सरकार से जांच और जवाबदेही की मांग

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर कथित साइबर हमले और 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा चोरी होने के दावों को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच, प्रभावित ग्राहकों की जानकारी सार्वजनिक करने, सुरक्षा उपाय मजबूत करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। डेटा लीक संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

Oct 22, 2026 - 11:19
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SBI साइबर हमले और डेटा लीक की खबर पर विकास उपाध्याय ने उठाए सवाल, केंद्र सरकार से जांच और जवाबदेही की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर कथित साइबर हमले और हजारों ग्राहकों का निजी डेटा चोरी होने से जुड़ी खबरों को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में गंभीरता दिखाने और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी में दावा किया जा रहा है कि कथित साइबर हमले में 3,897 ग्राहकों का डेटा चोरी हुआ है। इन दावों के अनुसार, ग्राहकों के नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ई-मेल एड्रेस, घर का पता, ऋण संबंधी रिकॉर्ड और ग्राहक पहचान से जुड़ी जानकारियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। यदि डेटा लीक की बात सही साबित होती है, तो यह ग्राहकों की निजता, वित्तीय सुरक्षा और बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसे से जुड़ा गंभीर मामला होगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और वित्तीय लेनदेन सहित अनेक क्षेत्रों में नागरिकों की निजी जानकारी डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है। ऐसे में साइबर सुरक्षा में चूक होने पर लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी पहचान के इस्तेमाल, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार की जिम्मेदारी केवल डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि उन सेवाओं के माध्यम से संग्रहित नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार से मांग की कि SBI पर हुए कथित साइबर हमले और डेटा लीक के मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वास्तव में कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं, कौन-सी जानकारियां लीक हुई हैं और घटना के पीछे क्या कारण रहे। उन्होंने प्रभावित ग्राहकों को समय रहते सूचित करने तथा उनकी बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में साइबर सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही बैंकों की साइबर सुरक्षा प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए, ताकि मौजूदा कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

विकास उपाध्याय ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, नागरिकों की निजता और करोड़ों बैंक ग्राहकों के विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल इंडिया के दौर में नागरिकों की मेहनत की कमाई और निजी जानकारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। केंद्र सरकार को कथित डेटा लीक के मामले में तथ्यों के साथ आधिकारिक स्पष्टीकरण देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिक साइबर अपराधों के जोखिम के बीच असुरक्षित न रहें।