एनएमडीसी भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग तेज, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले सांसद महेश कश्यप और विधायक चैतराम अटामी

दंतेवाड़ा में एनएमडीसी की एल-1 और एल-2 भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। सांसद महेश कश्यप और विधायक चैतराम अटामी ने बस्तर के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर देने तथा भर्ती प्रक्रिया में उनकी अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग रखी।

Nov 2, 2026 - 19:47
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एनएमडीसी भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग तेज, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले सांसद महेश कश्यप और विधायक चैतराम अटामी

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, जगदलपुर/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठाई गई है। दंतेवाड़ा स्थित राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) की एल-1 एवं एल-2 भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के युवाओं को उनके अपने क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी की एल-1 और एल-2 भर्ती सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार प्राप्त कर सकें।

महेश कश्यप ने बताया कि स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ध्यान आकर्षित कराया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार स्थानीय युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक पहल करेगी। सांसद ने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा और मेहनत की कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर और रोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध कराने की है।

दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर संभाग के युवा प्रतिभाशाली और मेहनती हैं। बस्तर की प्राकृतिक और खनिज संपदा देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। ऐसे में स्थानीय संसाधनों से संचालित परियोजनाओं में क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि जिस क्षेत्र के संसाधनों से देश के विकास को गति मिल रही है, वहां के युवाओं को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने एनएमडीसी की एल-1 और एल-2 भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि क्षेत्र के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि एनएमडीसी की भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक पहल की जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर में रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर दंतेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य सोमरू कड़ती, करण तामो, राजू कड़ती, रवि नाग, सुनील मंडावी, ईश्वर कुमार, सुनील मड़ावी, सुरेश कश्यप, राजू जायसवाल, अमलेंदु चक्रवर्ती और नीलेश पाटले सहित अन्य युवा साथी एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर मुख्यमंत्री से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। हालांकि, मुलाकात के बाद भर्ती प्रक्रिया में किसी बदलाव या स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने संबंधी आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब स्थानीय युवाओं की नजर एनएमडीसी भर्ती को लेकर होने वाली आगामी पहल और निर्णयों पर टिकी हुई है।