एमसीबी में एनालॉग पनीर पर सख्ती, डेयरी और होटलों का विशेष निरीक्षण अभियान
एमसीबी जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एनालॉग पनीर के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर 7 डेयरी और 2 होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। सभी प्रतिष्ठानों से एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, विक्रय और उपयोग नहीं करने संबंधी स्व-घोषणा पत्र लिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l जिले में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एनालॉग पनीर के विरुद्ध विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। राज्य शासन के निर्देश तथा कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन में यह अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 7 डेयरी प्रतिष्ठानों और 2 होटल-रेस्टोरेंट का सघन निरीक्षण किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में गठित टीम ने निरीक्षण के दौरान एनालॉग पनीर के भंडारण, विक्रय, खरीद संबंधी दस्तावेज, बिल-वाउचर, लेबलिंग तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन की विस्तृत जांच की। अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री का भी परीक्षण किया और संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दायरे में हनुमान डेयरी, जय अंबे डेयरी, श्री राम डेयरी, मां शारदा डेयरी, मारुति डेयरी, जया डेयरी, यादव डेयरी, होटल हसदेव इन तथा पैराडाइज रेस्टोरेंट शामिल रहे। जांच के दौरान सभी 9 प्रतिष्ठानों से यह स्व-घोषणा पत्र प्राप्त किया गया कि वे एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, विक्रय अथवा उपयोग नहीं कर रहे हैं और भविष्य में भी प्रतिबंधित उत्पाद का उपयोग नहीं करेंगे।
अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट रूप से बताया कि राज्य शासन द्वारा एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे उत्पादों का उपयोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है या प्रतिबंधित उत्पादों का उपयोग सामने आता है, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। विभाग समय-समय पर डेयरी, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेगा ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे केवल मानक अनुरूप खाद्य उत्पादों का ही निर्माण और विक्रय करें तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग दें। साथ ही नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि यदि कहीं प्रतिबंधित या संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।