कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण की उपयोगिता तभी बढ़ेगी, जब प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने जिले में उपलब्ध मानव संसाधन, रोजगार के अवसर और विभिन्न क्षेत्रों में श्रम की मांग का आकलन करने के निर्देश दिए। इसके लिए विभागवार गैप एनालिसिस कर आवश्यक कौशल प्रशिक्षण की पहचान करने और उसके आधार पर वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
स्थानीय रोजगार की मांग के अनुसार तय होंगे प्रशिक्षण
कलेक्टर ने वन विभाग, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, उद्यानिकी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, श्रम विभाग, मत्स्य पालन विभाग, आर-सेटी, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा भोरमदेव शक्कर कारखाना राम्हेपुर सहित संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में जिन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं, उनसे जुड़े ट्रेड और प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए। प्रशिक्षण की विषयवस्तु केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं को वास्तविक रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में उपयोगी हो।
युवाओं के साथ महिलाओं के लिए भी रोजगारपरक प्रशिक्षण
कलेक्टर ने युवाओं के साथ स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए भी उपयोगी और रोजगारपरक प्रशिक्षण तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय संसाधनों, उपलब्ध रोजगार के अवसरों, उद्योगों तथा विभिन्न क्षेत्रों की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं।
उन्होंने प्रशिक्षण संस्थाओं और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता के साथ उसके परिणामों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सके। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं और महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक पहल करने को कहा गया।
विभागवार गैप एनालिसिस पर जोर
बैठक में जिले में संचालित कौशल प्रशिक्षण की वर्तमान स्थिति, प्रशिक्षण की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं का आकलन कर समयबद्ध तरीके से वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक, जिला रोजगार अधिकारी, उपसंचालक कृषि, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विज्ञान प्रमुख, भोरमदेव शक्कर कारखाना राम्हेपुर-पंडरिया के महाप्रबंधक, प्राचार्य आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं नर्सिंग महाविद्यालय, जिला मिशन प्रबंधक, आर-सेटी संचालक, सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण कबीरधाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।