गुंडरदेही पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो बदमाश एक साल के लिए जिला बदर; छह जिलों में प्रवेश पर रोक

बालोद जिले के गुंडरदेही में लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त दो आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है। कलेक्टर बालोद के आदेश पर युवराज तम्बोली और कोमेश्वर उर्फ कोमू निषाद को 15 सितंबर 2026 से 14 सितंबर 2027 तक एक वर्ष के लिए बालोद समेत छह जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Sep 19, 2026 - 15:42
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गुंडरदेही पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो बदमाश एक साल के लिए जिला बदर; छह जिलों में प्रवेश पर रोक

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। कलेक्टर बालोद के आदेश के बाद दोनों को एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया है। आदेश के तहत निर्धारित अवधि के दौरान दोनों आरोपी बालोद सहित छह जिलों की राजस्व सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

जिला बदर किए गए आरोपियों में युवराज तम्बोली, पिता अशोक तम्बोली, उम्र 39 वर्ष, निवासी स्कूल पारा गुंडरदेही और कोमेश्वर उर्फ कोमू निषाद, पिता लीलाधर निषाद, उम्र 24 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13 गुंडरदेही शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ लंबे समय से अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं और पूर्व में भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, युवराज तम्बोली के विरुद्ध वर्ष 2012 से थाना गुंडरदेही में कुल 22 अपराध दर्ज हैं। वहीं कोमेश्वर उर्फ कोमू निषाद के खिलाफ वर्ष 2018 से कुल 11 अपराध दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद उनके आचरण में अपेक्षित सुधार नहीं आया। इसके बाद उनके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

कलेक्टर बालोद के आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को 15 सितंबर 2026 से 14 सितंबर 2027 तक एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर किया गया है। इस दौरान उन्हें बालोद जिले के अलावा दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव, कांकेर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा। इस तरह कुल छह जिलों में उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

पुलिस के अनुसार, जिला बदर की अवधि के दौरान यदि दोनों आरोपी प्रतिबंधित जिलों की सीमा में प्रवेश करते हैं तो उनके खिलाफ आदेश के उल्लंघन के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया है।

यह कार्रवाई एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के मार्गदर्शन में की गई। एएसपी चंद्रकांत गवर्ना और एसडीओपी गुंडरदेही श्रुति सिंह के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिला बदर आदेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

बालोद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जिला बदर किए गए दोनों व्यक्तियों को प्रतिबंधित जिलों की सीमा में कहीं भी देखे जाने पर इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस को दें। पुलिस ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, जिला बदर आदेश का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है।