दिगंबर जैन समाज मना रहा दशलक्षण महापर्व, जिनालयों में उत्तम सत्य धर्म की आराधना

नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व पर्यूषण श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। भादों सुदी पंचमी से शुरू हुआ यह पर्व 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। पर्व के पांचवें दिन भादों सुदी नवमी पर नगर के विभिन्न जिनालयों और चैत्यालयों में श्रावकों ने उत्तम सत्य धर्म की आराधना करते हुए पूजन-विधान में भाग लिया।

Sep 22, 2026 - 08:49
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दिगंबर जैन समाज मना रहा दशलक्षण महापर्व, जिनालयों में उत्तम सत्य धर्म की आराधना

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाडा l नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व पर्यूषण श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भादों सुदी पंचमी से प्रारंभ हुआ यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम और धर्म आराधना के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। दिगंबर जैन समाज के विभिन्न घटकों में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है और नगर के जिनालयों एवं चैत्यालयों में धार्मिक गतिविधियों के साथ मंगलगान से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

दशलक्षण महापर्व पर्यूषण का आयोजन आगामी भादों सुदी चतुर्दशी यानी अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर तक लगातार चलेगा। इस दौरान समाज के श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, पूजन-विधान और धर्म आराधना में शामिल होकर आत्मशुद्धि एवं आध्यात्मिक साधना की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पर्व के दौरान दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार दस धर्मों की आराधना की जाती है।

पर्वराज के पांचवें दिवस भादों सुदी नवमी के शुभ अवसर पर नगर के समस्त दिगंबर जिनालयों और चैत्यालयों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की। इस दिन धर्म के पांचवें लक्षण उत्तम सत्य धर्म की मंगल आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ पूजन-विधान में हिस्सा लिया और सत्य के महत्व को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

सर्वोदय अहिंसा के प्रदेश संयोजक एवं जिनशासन सेवक दीपक राज जैन ने दशलक्षण महापर्व के अवसर पर समाज की धार्मिक गतिविधियों की अनुमोदना की। उन्होंने बताया कि पर्व के दौरान समाज के सभी वर्गों में उत्साह और धार्मिक वातावरण बना हुआ है। जिनालयों में श्रद्धालुओं की सहभागिता से पर्व की आध्यात्मिक भावना और मजबूत हो रही है।

जैन परंपरा में दशलक्षण पर्व को आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु धर्म के विभिन्न स्वरूपों पर मनन करते हुए अपने आचरण में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं। उत्तम सत्य धर्म के अवसर पर सत्य को जीवन का आधार बनाने, असत्य से दूर रहने और व्यवहार में ईमानदारी बनाए रखने की भावना पर विशेष जोर दिया जाता है।

नगर में चल रहे इस धार्मिक आयोजन के कारण विभिन्न जिनालयों और चैत्यालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। पूजन, धार्मिक पाठ और मंगलगान के माध्यम से समाज के लोग पर्व की आराधना में भाग ले रहे हैं। दशलक्षण पर्व को लेकर समाज के सभी घटकों में सामूहिक सहभागिता देखने को मिल रही है।

सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा मनाए जा रहे इस महापर्व का उद्देश्य धर्म आराधना के साथ आत्मचिंतन और आत्मसंयम की भावना को मजबूत करना है। समाज के श्रद्धालु भक्ति और अनुशासन के साथ पर्व में शामिल होकर आत्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आगामी 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ दशलक्षण महापर्व का समापन होगा।