शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बाजार में गिरावट से निवेशकों, मध्यमवर्गीय परिवारों और व्यापारियों की बचत प्रभावित हुई है। पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी और घटती घरेलू बचत का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से आर्थिक स्थिति पर जवाब मांगा है।

Oct 24, 2026 - 12:33
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शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और आम लोगों की बचत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 23 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने सेंसेक्स में तीन दिनों के भीतर 1,480 अंकों की गिरावट, बीएसई के शेयरों में कमजोरी और रुपये के मूल्य में गिरावट का मुद्दा उठाया।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि शेयर बाजार अपने साल के उच्चतम स्तर से नीचे आ चुका है और बड़ी संख्या में शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। उनके अनुसार, बाजार की इस स्थिति से छत्तीसगढ़ के मध्यमवर्गीय परिवारों, युवाओं, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों की निवेशित पूंजी प्रभावित हुई है। कांग्रेस ने सवाल किया कि आर्थिक स्थिति में आ रही चुनौतियों के लिए कौन जिम्मेदार है और केंद्र सरकार इनसे निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।

आर्थिक नीतियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक ओर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार में गिरावट और घरेलू बचत में कमी जैसी चुनौतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बीएसई 500 के बड़ी संख्या में शेयरों में गिरावट से निवेशकों को नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने संसाधनों के असमान वितरण, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को लेकर भी चिंता जताई।

सुरेंद्र वर्मा के मुताबिक, घरेलू बचत में कमी और आम लोगों की क्रय शक्ति पर दबाव का असर बाजार की खपत पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण मध्यमवर्ग और स्थानीय व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आर्थिक नीतियों की समीक्षा करने और आम लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है।

निवेशकों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर असर की चिंता

कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अनेक नौकरीपेशा लोगों, युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों ने म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में अपनी मेहनत की कमाई निवेश की है। बाजार में गिरावट से इन निवेशकों की पूंजी के मूल्य में कमी आने की आशंका रहती है। पार्टी ने यह भी कहा कि रुपये के कमजोर होने और अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर महंगाई पर पड़ सकता है, जिससे घरेलू बजट और खुदरा कारोबार प्रभावित हो सकते हैं।

केंद्र सरकार से जवाब मांगने की मांग

सुरेंद्र वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू अर्थव्यवस्था के बीच संबंधों का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में गिरावट के लिए केवल वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस ने रुपये की गिरावट, निवेशकों के भरोसे और आर्थिक चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोप कांग्रेस का पक्ष प्रस्तुत करते हैं। शेयर बाजार की गिरावट, रुपये के मूल्य में बदलाव और उनके कारणों का आकलन करने के लिए संबंधित अवधि के आधिकारिक बाजार आंकड़ों तथा आर्थिक संकेतकों को भी देखना आवश्यक होगा।