बस्तर दशहरा के बीच जोगी परिवार को सिरहासर भवन से हटाने पर विवाद, दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना

बस्तर दशहरा के दौरान पारंपरिक जोगी दौलत नाग और उनके परिवार को सिरहासर भवन से हटाए जाने के मामले पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई से बस्तर की पारंपरिक धार्मिक रस्में और आदिवासी समाज की भावनाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पांच सवाल पूछते हुए संबंधित कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने और बस्तर समाज से माफी मांगने की मांग की है।

Oct 24, 2026 - 12:45
 0  3
बस्तर दशहरा के बीच जोगी परिवार को सिरहासर भवन से हटाने पर विवाद, दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बस्तर दशहरा के दौरान पारंपरिक जोगी दौलत नाग और उनके परिवार को सिरहासर भवन से हटाए जाने के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक विवाद सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बस्तर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की जिम्मेदारी तय की जाए और पारंपरिक रस्मों के सम्मान को सुनिश्चित किया जाए।

23 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों और सफाई व्यवस्था के नाम पर जोगी विधान निभाने वाले दौलत नाग और उनके परिवार को सिरहासर भवन से बेदखल किया गया। उनके अनुसार, बस्तर दशहरा में जोगी विधान का विशेष महत्व है और इस परंपरा से जुड़े परिवार को धार्मिक रस्में पूरी होने से पहले हटाना उचित नहीं है।

पारंपरिक रस्मों से दूर रखने का आरोप

दीपक बैज ने दावा किया कि इससे पहले पवित्र रथ को ट्रैक्टर या जेसीबी से खिंचवाने की घटना भी सामने आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जोगी परिवार को नवाखानी, बाहर रैनी, काछन जात्रा, कुटुंब जात्रा और मां दंतेश्वरी की बिदाई रस्मों से दूर रखा गया। कांग्रेस ने इसे बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक मान्यताओं और आदिवासी स्वाभिमान से जुड़ा संवेदनशील विषय बताया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं के नाम पर पारंपरिक धार्मिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों का किया उल्लेख

दीपक बैज ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान बस्तर दशहरा के बजट में बढ़ोतरी की गई थी। उन्होंने देवगुड़ी और माता गुड़ी के जीर्णोद्धार तथा मांझी-चालकियों और जोगी परिवार के सम्मान एवं मानदेय की व्यवस्था का भी जिक्र किया। कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों का सम्मान बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री से पूछे पांच सवाल

दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पांच सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के नाम पर क्या पारंपरिक धार्मिक विधान को प्रभावित करना उचित है। उन्होंने पवित्र रथ को खिंचवाने और जोगी परिवार को सिरहासर भवन से हटाने के आदेश की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। साथ ही, कुटुंब जात्रा और बिदाई रस्मों से जोगी परिवार को दूर रखने के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगा।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि क्या बस्तर की परंपराओं को केवल आयोजन तक सीमित समझा जा रहा है। दीपक बैज ने मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन से पूरे बस्तर समाज की भावनाएं आहत होने के मामले में सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

परंपराओं के सम्मान का मुद्दा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए तथा उनसे जुड़े समुदायों की भूमिका और अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए। यह मामला प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर आधारित है। संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद विवाद के विभिन्न पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।