1 नवंबर से मोबाइल पर दिखेगा अनजान कॉल करने वाले का नाम, जानें क्या है CNAP सर्विस और कैसे करेगी काम

भारत में 1 नवंबर 2026 से Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू करने के लिए दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं। इस सुविधा के तहत 4G और उससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर अनजान घरेलू कॉल आने पर नंबर के साथ टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम भी दिखाई दे सकेगा। Jio, Airtel, Vi और BSNL सहित सेवा प्रदाताओं को इसे लागू करना है। इसका उद्देश्य कॉल करने वाले की पहचान आसान बनाना और धोखाधड़ी वाले कॉल से बचाव में मदद करना है।

Oct 31, 2026 - 12:53
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1 नवंबर से मोबाइल पर दिखेगा अनजान कॉल करने वाले का नाम, जानें क्या है CNAP सर्विस और कैसे करेगी काम

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली।मोबाइल पर अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान करना अब पहले से आसान हो सकता है। भारत में 1 नवंबर 2026 से कॉलर नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP (Calling Name Presentation) सेवा शुरू करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं। इस सुविधा के तहत कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को मोबाइल स्क्रीन पर फोन नंबर के साथ कॉल करने वाले का दर्ज नाम भी दिखाई दे सकेगा।

इस सेवा को Jio, Airtel, Vi और BSNL जैसे टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर लागू किया जाना है। इसका उद्देश्य लोगों को अनजान कॉल की पहचान करने में मदद देना और संदिग्ध कॉल से जुड़ी धोखाधड़ी के जोखिम को कम करना है।

क्या है CNAP सर्विस?

CNAP एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए आने वाली कॉल के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाया जाएगा। इसके लिए टेलीकॉम कंपनी के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए यूजर को अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी।

अगर किसी व्यक्ति के मोबाइल में कॉल करने वाले का नंबर पहले से सेव है, तो आम तौर पर सेव किया गया नाम दिखाई देगा। यदि नंबर सेव नहीं है, तो घरेलू कॉल के मामले में टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम प्रदर्शित किया जा सकता है।

1 नवंबर से किन मोबाइल यूजर्स को मिलेगा लाभ?

दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, CNAP सेवा की शुरुआत 4G और उससे नई तकनीक वाले मोबाइल नेटवर्क पर की जानी है। टेलीकॉम कंपनियों को इसे अपने संबंधित सेवा क्षेत्रों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, 2G और 3G नेटवर्क तथा लैंडलाइन कनेक्शनों पर इस सुविधा को लागू करने का निर्णय अलग से विचार के बाद लिया जाएगा। इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि शुरुआत से ही सभी नेटवर्क और सभी फोन पर यह सुविधा उपलब्ध होगी।

कैसे काम करेगी CNAP सुविधा?

CNAP के जरिए कॉल करने वाले व्यक्ति के नंबर से जुड़ी पहचान टेलीकॉम कंपनी के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड के आधार पर दिखाई जाएगी। इसके लिए कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले, दोनों को किसी थर्ड-पार्टी ऐप का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं होगा।

इस सुविधा में नाम वही हो सकता है, जो संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज है। इसलिए स्क्रीन पर दिखने वाला नाम किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान की स्वतंत्र गारंटी नहीं है।

क्या इससे साइबर ठगी पर लगेगी रोक?

CNAP सेवा अनजान कॉल की पहचान करने में मदद कर सकती है। इससे लोगों को संदिग्ध कॉल के प्रति सतर्क रहने और कॉल उठाने से पहले अधिक जानकारी मिलने में सहायता मिलेगी।

हालांकि, केवल नाम दिखाई देने से साइबर ठगी पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए किसी अनजान कॉल पर OTP, बैंकिंग पासवर्ड, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

इंटरनेशनल कॉल पर क्या दिखेगा?

दूरसंचार विभाग के निर्देशों के अनुसार, अनजान अंतरराष्ट्रीय कॉल के मामले में स्क्रीन पर “International Call” दिखाई दे सकता है। इससे यूजर को यह समझने में मदद मिलेगी कि कॉल विदेश से आ रही है।

कुल मिलाकर, CNAP सेवा मोबाइल यूजर्स के लिए कॉलर की पहचान आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इसका लाभ नेटवर्क पर उपलब्धता और टेलीकॉम कंपनियों के कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा। अनजान कॉल से सतर्क रहना और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना अब भी जरूरी है।