नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना, निगरानी तंत्र मजबूत करने पर जोर

नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में स्टेट सपोर्ट मिशन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक में अंजोर विजन-2047, डेटा आधारित नीति निर्माण, नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन, बाल कल्याण सूचकांक, जिला स्तरीय SDG डैशबोर्ड और परिणाम आधारित बजट व्यवस्था पर चर्चा हुई। निधि छिब्बर ने राज्य में स्थायी निगरानी एवं मूल्यांकन तंत्र विकसित करने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

Oct 9, 2026 - 16:12
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नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना, निगरानी तंत्र मजबूत करने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा नीति निर्माण, शासकीय योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य ने कम समय में मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। साथ ही उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनके वास्तविक परिणामों का आकलन करने के लिए मजबूत, संस्थागत और स्थायी निगरानी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया।

राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ में 9 अक्टूबर 2026 को स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की। इस अवसर पर योजना विभाग के सचिव भुवनेश यादव, संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी तीर्थराज अग्रवाल सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि राज्य नीति आयोग एक परामर्शदात्री एवं ज्ञान आधारित संस्था के रूप में प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए काम कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अंजोर विजन-2047 के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उनके प्रभाव का आकलन ठोस आंकड़ों तथा वैज्ञानिक पद्धतियों से करना आवश्यक है।

योजना विभाग के सचिव भुवनेश यादव ने बताया कि योजनाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई जैसे संस्थानों की विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है। इससे शोध आधारित अध्ययन, आधुनिक तकनीक और शैक्षणिक विशेषज्ञता के माध्यम से योजनाओं के परिणामों का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

बैठक में राज्य नीति आयोग की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन इकाई तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाई के कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न शासकीय योजनाओं के पायलट मूल्यांकन के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं। राज्य में DMEO के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (OOMF) और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स (DGQI) को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाया गया है। इसके अलावा नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं और अंजोर विजन-2047 की प्रगति की निगरानी के लिए पोर्टल विकसित करने पर काम जारी है।

बैठक में यूनिसेफ के सहयोग से विकसित किए जा रहे बाल कल्याण सूचकांक पर भी चर्चा हुई। इस सूचकांक से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समग्र कल्याण से जुड़ी सेवाओं की उपलब्धता तथा उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलेगी। इससे उन जिलों और क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी, जहां अधिक ध्यान और निवेश की जरूरत है।

इसके साथ ही सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्रगति की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर तैयार किए जा रहे फ्रेमवर्क तथा डैशबोर्ड की जानकारी दी गई। SDG आधारित बजट विश्लेषण के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी खर्च विभिन्न विकास लक्ष्यों को हासिल करने में कितना योगदान दे रहा है।

निधि छिब्बर ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि लक्षित हितग्राहियों को वास्तविक लाभ मिले और अपेक्षित परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने छत्तीसगढ़ में निगरानी एवं मूल्यांकन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए DMEO की ओर से तकनीकी और संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया।