छत्तीसगढ़ में युवाओं को उद्योगों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, TCS-अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल कर रही है। राज्य स्तरीय रोजगार मेले के समापन अवसर पर टीसीएस, अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन सहित संस्थाओं के साथ सहयोग के जरिए प्रशिक्षण, सॉफ्ट स्किल और व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया गया। आईटीआई और पॉलिटेक्निक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने और डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की भी तैयारी है।

Oct 9, 2026 - 16:22
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छत्तीसगढ़ में युवाओं को उद्योगों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, TCS-अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने औद्योगिक और प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाने, आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने तथा तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई पहल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में युवाओं को व्यावहारिक कौशल और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

चार संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल
दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन अवसर पर विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन यानी एमओयू की पहल की गई। इन सहयोगों के माध्यम से प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को नौकरी के लिए जरूरी तकनीकी और व्यावहारिक कौशल हासिल हो सके।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण देने की योजना है।

सॉफ्ट स्किल और व्यक्तित्व विकास पर जोर
नांदी फाउंडेशन के सहयोग से विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक में आधुनिक पाठ्यक्रम
तकनीकी शिक्षा को वर्तमान और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। इनके स्थान पर रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में काम हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक दक्षता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन
प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इसमें शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, अधोसंरचना और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया गया। मूल्यांकन रिपोर्ट में संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इनके आधार पर विकास और आधुनिकीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डिजिटल रोजगार पोर्टल बनेगा स्किल मार्केट
विभाग डिजिटल रोजगार पोर्टल को भविष्य में स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में उद्योगों की जरूरतों, रिक्त पदों और रोजगार तलाश रहे युवाओं की जानकारी एक मंच पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार आवेदन कर सकेंगे, जबकि नियोक्ता जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगे। इन पहलों का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय मजबूत करना तथा प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार करना है।