छत्तीसगढ़ में रोजगार मेले पर कांग्रेस का सवाल, 10 हजार की निजी नौकरी के बजाय सरकारी भर्ती की मांग

छत्तीसगढ़ में रोजगार मेले के जरिए निजी कंपनियों में 10 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरियां दिलाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा चुनाव में किए गए एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग की।

Oct 10, 2026 - 15:11
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छत्तीसगढ़ में रोजगार मेले पर कांग्रेस का सवाल, 10 हजार की निजी नौकरी के बजाय सरकारी भर्ती की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में रोजगार मेले के जरिए निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं को 10 हजार रुपये मासिक वेतन वाली निजी नौकरियों का अवसर देकर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के युवा सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली होने का दावा किया जा रहा है।

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपनी ‘मोदी की गारंटी’ के तहत पांच साल में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के कार्यकाल के लगभग पौने तीन साल बीतने के बावजूद सरकारी भर्तियों की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं है। ऐसे में रोजगार मेले के माध्यम से निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने को सरकारी रोजगार के वादे का विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए।

सरकारी विभागों में रिक्त पदों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक पद रिक्त हैं। उनके अनुसार, शिक्षा विभाग में लगभग 57 हजार, स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के 18 हजार से अधिक, उच्च शिक्षा विभाग में 3,700 और लोक निर्माण विभाग में करीब 6 हजार पद खाली हैं। इसके अलावा सहकारिता विभाग में 4 हजार, वन विभाग में 6 हजार, जेल विभाग में 1,200, ग्रामीण विकास विभाग में 8 हजार, पुलिस विभाग में 7 हजार और आदिम जाति कल्याण विभाग में 7 हजार पद रिक्त होने का दावा किया गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार इन रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करे, तो प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिल सकता है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि चुनाव के समय किए गए एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और युवाओं को नियुक्तियां कब तक मिलेंगी।

निजी नौकरी को लेकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस ने रोजगार मेले में निजी कंपनियों के माध्यम से लगभग 10 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरियों के अवसरों को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि रोजगार मेले युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम हो सकते हैं, लेकिन इन्हें सरकारी नौकरियों के वादे से अलग करके देखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार भर्ती प्रक्रिया, रिक्त पदों और नियुक्तियों की समय-सीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करे।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा रोजगार की तलाश में हैं और उन्हें केवल घोषणाओं के बजाय स्थायी रोजगार के अवसर चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज करने और युवाओं के सामने रोजगार संबंधी स्पष्ट कार्ययोजना रखने की मांग की।

राष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के वादे पर सवाल

कांग्रेस संचार प्रमुख ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की रोजगार नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर आरोप लगाया कि इन नीतियों से व्यापार और रोजगार के अवसर प्रभावित हुए। ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप हैं।

कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के संबंध में स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। पार्टी की मांग है कि भाजपा सरकार चुनावी वादे के अनुरूप सरकारी नौकरियों की भर्ती शुरू करे, रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक करे और नियुक्तियों के लिए समयबद्ध योजना बनाए।