पाला चौरई पंचायत में विकास कार्य ठप, पौने दो करोड़ रुपये की राशि पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के जुन्नारदेव जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत पाला चौरई में सचिव बदलने के बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं होने का मुद्दा सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क, पुलिया और नाली निर्माण सहित कई कार्य लंबित हैं। पंचायत फंड में लगभग पौने दो करोड़ रुपये की राशि सुरक्षित होने की बात कही जा रही है, लेकिन बिजली, पानी, साफ-सफाई और कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। ग्रामीणों ने जनपद और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

Oct 10, 2026 - 10:12
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पाला चौरई पंचायत में विकास कार्य ठप, पौने दो करोड़ रुपये की राशि पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l जनपद पंचायत जुन्नारदेव के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाला चौरई में सचिव बदलने के बाद भी विकास कार्यों की स्थिति में सुधार नहीं होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि नई सचिव के पदभार संभालने के बावजूद पंचायत के कई जरूरी कार्य लंबित हैं। उनका आरोप है कि पूर्व सचिव सप्ताह में पांच से छह दिन पंचायत आते थे, जबकि वर्तमान सचिव के सप्ताह में एक से दो दिन ही आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, उनकी उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, पाला चौरई एक बड़ी ग्राम पंचायत है, जहां शासन की ओर से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की राशि आती है। पंचायत में सड़क, पुलिया और नाली निर्माण के साथ बिजली, पानी, साफ-सफाई तथा कर्मचारियों के वेतन जैसे नियमित खर्च भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में पंचायत के कामकाज में देरी होने से ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

शुरुआती ढाई वर्ष में हुए निर्माण कार्य
बताया जा रहा है कि पंचायत के शुरुआती ढाई वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई निर्माण कार्य हुए और निर्धारित अंतराल पर राशि भी निकाली जाती रही। हालांकि, इसी अवधि में कुछ कार्यों और वित्तीय गतिविधियों को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आने की बात कही गई है। शिकायतों के बाद पंचों ने विरोध जताया और मामले को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हुईं। इसके बाद से पंचायत के कामकाज प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

सचिव के तबादले के बाद बढ़ी परेशानी
पिछले दिनों जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सचिवों के तबादले किए गए, जिसके तहत ग्राम पंचायत पाला चौरई में भी सचिव बदल दिया गया। नई सचिव ने पदभार संभाल लिया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि तबादले और नई व्यवस्था के बीच करीब चार से पांच महीने का समय निकल गया। इसके बावजूद कई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत फंड में लगभग पौने दो करोड़ रुपये की राशि सुरक्षित होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद सड़क, पुलिया और नाली निर्माण जैसे कार्यों के शुरू नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। वहीं, बिजली, पानी, साफ-सफाई और कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

जनपद और जिला पंचायत अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के पास उपलब्ध राशि का नियमानुसार उपयोग करते हुए लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पंचायत के कामकाज में नियमितता और जिम्मेदारी तय होने से गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान संभव है।

ग्रामीणों ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने लंबित निर्माण कार्यों की समीक्षा कराने, पंचायत के कामकाज और सचिव की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट करने तथा बिजली, पानी, साफ-सफाई और कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मामले की समीक्षा कर पंचायत के विकास कार्यों को गति देने के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।