दुर्ग में हर्षोल्लास से मनाया गया छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, दिनेश मिश्रा ने अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन

दुर्ग में भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। अतिथियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और विकास यात्रा पर विचार व्यक्त करते हुए प्रदेश की समृद्धि एवं जनकल्याण का संकल्प लिया।

Nov 2, 2026 - 07:43
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दुर्ग में हर्षोल्लास से मनाया गया छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, दिनेश मिश्रा ने अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, लोककला और परंपराओं को समर्पित छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस समारोह दुर्ग में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। भारतीय जनता पार्टी के झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, जिला दुर्ग के जिला संयोजक दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और प्रदेश के सर्वांगीण विकास में योगदान देने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला संयोजक दिनेश मिश्रा ने भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। उपस्थित अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक एवं दुर्ग संभाग प्रभारी दिनेश देवांगन उपस्थित रहे। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष देवनारायण टांडी ने कार्यक्रम में सहभागिता की। अतिथियों ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विकास के महत्व पर विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर जिला संयोजक दिनेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि यहां के लोगों की पहचान, अस्मिता, स्वाभिमान और आत्मीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती को महतारी के रूप में सम्मान देना प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा और गहरी आस्था को दर्शाता है।

दिनेश मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक तीज-त्योहारों, प्राकृतिक संपदा और सरल जनजीवन के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य और कर्मा नृत्य जैसी लोककलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने किसानों, श्रमिकों, वनवासी समाज और मेहनतकश नागरिकों के योगदान को प्रदेश की प्रगति का आधार बताया।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिला और प्रदेशवासियों की वर्षों पुरानी आकांक्षा पूरी हुई। उन्होंने सभी नागरिकों से विकसित, समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पूर्व पार्षद सतीश समर्थ और जग्गी शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी पार्वती पंडित, कार्यालय मंत्री देवेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष निशा तिवारी, मन की बात प्रमुख सविता सुलाके और कार्यसमिति सदस्य अम्बिका प्रसाद तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। साथ ही छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों और प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देने के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को संजोने तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।