त्योहारी सीजन में महंगाई का झटका, छत्तीसगढ़ में बस किराया 40% तक बढ़ा

छत्तीसगढ़ में यात्री बसों के किराये में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के बाद खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में भी यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ रहा है। खैरागढ़ से राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कवर्धा जाने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। किराया बढ़ने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का बजट प्रभावित होगा।

Oct 14, 2026 - 18:13
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त्योहारी सीजन में महंगाई का झटका, छत्तीसगढ़ में बस किराया 40% तक बढ़ा

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़। त्योहारी सीजन के बीच आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों के किराये में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के बाद खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में भी यात्रियों को अब सफर के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। किराया बढ़ने का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और रोजाना एक शहर से दूसरे शहर आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। त्योहारों के दौरान यात्रा की मांग बढ़ने के बीच किराये में हुई इस बढ़ोतरी ने लोगों के परिवहन बजट को प्रभावित किया है।

परिवहन विभाग के आदेश के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों की बसों के लिए प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित किया गया है। जानकारी के मुताबिक, साधारण बसों का किराया 1.75 रुपये, डीलक्स बसों का 2.20 रुपये और एसी सुपर डीलक्स बसों का 3.30 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर रखा गया है। इसके अलावा एसी अर्धशयनयान और शयनयान बसों के किराये में भी बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के लागू होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक खर्च उठाना पड़ेगा।

राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कवर्धा का सफर महंगा

खैरागढ़ से प्रमुख शहरों तक यात्रा करने वाले यात्रियों पर किराया वृद्धि का असर दिखाई देने लगा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खैरागढ़ से राजनांदगांव जाने का किराया 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये हो गया है। वहीं, दुर्ग का किराया 70 रुपये से बढ़कर करीब 100 रुपये और रायपुर का किराया 110 रुपये से बढ़कर 150 रुपये हो गया है। इसी तरह खैरागढ़ से कवर्धा जाने के लिए अब करीब 140 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि पहले किराया लगभग 100 रुपये था।

इन मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और अन्य जरूरी कामों के लिए नियमित रूप से बसों पर निर्भर रहने वाले लोगों को अब हर यात्रा पर अतिरिक्त राशि खर्च करनी होगी। महीने में कई बार सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बढ़ोतरी उनके घरेलू बजट पर भी असर डाल सकती है।

नौकरीपेशा और विद्यार्थियों की बढ़ेगी परेशानी

बस किराये में बढ़ोतरी से सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ने की आशंका है, जिन्हें रोजाना काम या पढ़ाई के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता है। विद्यार्थियों और कम आय वाले परिवारों के लिए परिवहन खर्च बढ़ना अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा कर सकता है। वहीं, त्योहारों के दौरान घर जाने और रिश्तेदारों से मिलने के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी अधिक खर्च करना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार, नेत्रहीन व्यक्तियों, दिव्यांगजनों, एचआईवी पीड़ितों, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए किराये में छूट का प्रावधान भी बताया गया है। हालांकि, यात्रियों को संबंधित छूट की पात्रता और लागू शर्तों की जानकारी परिवहन विभाग या संबंधित बस संचालकों से प्राप्त करनी चाहिए।

कुल मिलाकर, बस किराये में बढ़ोतरी से खैरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन से सफर करने वाले लोगों का खर्च बढ़ गया है। अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि बढ़े हुए किराये के बीच परिवहन सेवाएं कितनी सुविधाजनक और नियमित बनी रहती हैं।