भोरमदेव में चार वीकेंड होगा बटरफ्लाई मीट सीजन-3, तितलियों की दुनिया से रूबरू होंगे प्रकृति प्रेमी

कवर्धा जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में बटरफ्लाई मीट सीजन-3 का आयोजन चार वीकेंड में किया जाएगा। पहला चरण 3 से 4 अक्टूबर, दूसरा 10 से 11 अक्टूबर, तीसरा 24 से 25 अक्टूबर और चौथा 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक होगा। आयोजन का उद्देश्य तितली प्रजातियों की पहचान, उनके प्राकृतिक आवास और क्षेत्र की जैव विविधता को समझने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसमें प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव विशेषज्ञों, फोटोग्राफरों और विद्यार्थियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा।

Sep 30, 2026 - 07:37
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भोरमदेव में चार वीकेंड होगा बटरफ्लाई मीट सीजन-3, तितलियों की दुनिया से रूबरू होंगे प्रकृति प्रेमी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति और जैव विविधता को करीब से समझने का अवसर लेकर भोरमदेव बटरफ्लाई मीट सीजन-3 का आयोजन किया जा रहा है। इस बार आयोजन को चार अलग-अलग वीकेंड में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न तितली प्रजातियों की पहचान, उनके प्राकृतिक आवास और जैव विविधता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

बटरफ्लाई मीट सीजन-3 का पहला चरण 3 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण 10 से 11 अक्टूबर, तीसरा चरण 24 से 25 अक्टूबर और चौथा चरण 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक होगा। चार चरणों में आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को अलग-अलग समय में भोरमदेव अभ्यारण्य की प्राकृतिक परिस्थितियों और तितलियों की विविधता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

बटरफ्लाई मीट के दौरान प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव विशेषज्ञों, फोटोग्राफरों और विद्यार्थियों को तितलियों के व्यवहार एवं उनके प्राकृतिक आवास को समझने का अवसर मिलेगा। तितलियों की पहचान और उनके प्राकृतिक वातावरण को देखने के साथ प्रतिभागी क्षेत्र की जैव विविधता से भी परिचित हो सकेंगे।

आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। तितलियां प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी मौजूदगी किसी क्षेत्र की जैव विविधता से जुड़ी जानकारी देती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक आवास और उसमें मौजूद विभिन्न प्रजातियों को समझने का अवसर मिलता है।

भोरमदेव अभ्यारण्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां आयोजित होने वाला बटरफ्लाई मीट क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को लोगों के सामने लाने के साथ प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है।

वन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से इको-टूरिज्म और प्रकृति पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह आयोजन भोरमदेव के प्राकृतिक वातावरण को करीब से समझने का अवसर उपलब्ध कराएगा।

डीएफओ निखिल अग्रवाल के अनुसार, चार वीकेंड में होने वाला यह आयोजन तितलियों और उनके प्राकृतिक आवास को समझने के साथ क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनेगा।

बटरफ्लाई मीट सीजन-3 के चार चरणों के आयोजन से भोरमदेव के प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, प्रकृति आधारित पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।