ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने किया सफल खुलासा, आरोपी को DJ कोर्ट से आजीवन कारावास
बालोद जिले के डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र में हुए ब्लाइंड मर्डर मामले का पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खुलासा किया। मृतिका के हाथ पर बने “K.K.” टैटू से उसकी पहचान ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में हुई। घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, तकनीकी जांच और मैदानी विवेचना के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। मामले में DJ न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले के डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर मामले का पुलिस ने प्रभावी और वैज्ञानिक विवेचना के जरिए खुलासा किया है। मामले में पुलिस की जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। प्रकरण की सुनवाई के बाद माननीय DJ न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
यह मामला थाना डौंडी लोहारा के अपराध क्रमांक 19/26 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार प्रकरण भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत पंजीबद्ध किया गया था। घटना के शुरुआती दौर में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतिका की पहचान करना थी। शव की पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण जांच की दिशा तय करना भी चुनौतीपूर्ण था।
जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतिका के हाथ पर बने अंग्रेजी अक्षरों “K.K.” के टैटू पर गई। पुलिस ने इस टैटू को महत्वपूर्ण पहचान की कड़ी मानते हुए तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच शुरू की। लगातार प्रयास और विभिन्न स्तरों पर की गई पड़ताल के बाद मृतिका की पहचान बालोद जिले के ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में की गई।
मृतिका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, गतिविधियों और घटना से जुड़े संभावित पहलुओं की गहन जांच शुरू की। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह द्वारा मामले को प्राथमिकता देते हुए थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद जांच टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर वहां से महत्वपूर्ण भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के साथ मैदानी विवेचना को भी जांच का हिस्सा बनाया। उपलब्ध तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करते हुए घटनाक्रम से जुड़ी अलग-अलग कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास किया गया। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई।
मामले में पुलिस की ओर से की गई वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन को महत्वपूर्ण माना गया। ब्लाइंड मर्डर होने के कारण शुरुआत में मृतिका की पहचान ही पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन हाथ पर बने “K.K.” टैटू से मिली अहम कड़ी ने जांच को आगे बढ़ाने में मदद की। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और मैदानी जांच के जरिए पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।
पुलिस की जांच के बाद प्रकरण न्यायालय में पहुंचा, जहां सुनवाई के उपरांत माननीय DJ न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में पुलिस की तकनीकी जांच, वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई को महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।