रायगढ़ में लीज पर आवंटित खदानों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग, अवैध खनन पर लगेगा अंकुश
रायगढ़ जिले में अवैध खनन और खनिज की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लीज पर आवंटित सभी खदानों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठी है। मांग है कि खदान का नाम, स्थान, लीजधारक, खनिज का प्रकार, स्वीकृत क्षेत्रफल, लीज अवधि, स्वीकृत मात्रा और आवश्यक अनुमतियों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि वैध और अवैध खनन की पहचान में पारदर्शिता बढ़े।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l जिले में खनिज संपदा के संरक्षण और अवैध खनन एवं खनिज की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लीज पर आवंटित सभी खदानों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है। मांग है कि जिले में संचालित वैध खदानों की सूची, उनका स्थान, लीजधारक का नाम, लीज की अवधि, स्वीकृत खनिज और निर्धारित क्षेत्र की जानकारी आम लोगों के लिए उपलब्ध कराई जाए। इससे वैध और अवैध खनन के बीच अंतर स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
जानकारों के अनुसार, यदि खनिज विभाग द्वारा लीज पर दी गई खदानों की जानकारी सार्वजनिक की जाती है तो आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, मीडिया और संबंधित विभाग यह आसानी से देख सकेंगे कि जिले के किस क्षेत्र में किस खदान को खनन की अनुमति प्राप्त है। इससे उन क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी, जहां बिना वैध अनुमति के खनन अथवा स्वीकृत सीमा से बाहर खनिज उत्खनन किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं।
सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध हो पूरी जानकारी
मांग की जा रही है कि खनिज विभाग जिले की सभी वैध खदानों की जानकारी एक सार्वजनिक सूची या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए। इसमें खदान का नाम, ग्राम एवं स्थान, खनिज का प्रकार, लीजधारक का नाम, स्वीकृत क्षेत्रफल, लीज की वैधता अवधि, स्वीकृत खनन मात्रा तथा पर्यावरणीय और अन्य आवश्यक अनुमतियों से संबंधित जानकारी शामिल की जा सकती है। जानकारी नियमित रूप से अपडेट होने से नागरिकों को खनन गतिविधियों की स्थिति समझने में आसानी होगी।
अवैध खनन की पहचान में मिलेगी मदद
वैध खदानों की सार्वजनिक सूची होने से ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को संदिग्ध खनन गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभाग तक स्पष्ट तथ्यों के साथ पहुंचाने में मदद मिल सकती है। किसी क्षेत्र में चल रहे खनन कार्य की तुलना उपलब्ध अधिकृत जानकारी से की जा सकेगी। इसी तरह खनिज परिवहन के दौरान आवश्यक दस्तावेज और खनिज के वैध स्रोत की जांच को भी अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है।
खनिज संपदा शासन की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा है। इसलिए इसके उत्खनन, परिवहन और उपयोग की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। यदि किसी खदान से स्वीकृत मात्रा से अधिक खनिज निकाला जाता है या बिना अनुमति के उत्खनन और परिवहन होता है, तो इससे शासन को राजस्व की क्षति के साथ प्राकृतिक संसाधनों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
ऐसे में केवल कार्रवाई करने के साथ-साथ वैध खदानों की जानकारी सार्वजनिक करने, नियमित निरीक्षण, खनिज परिवहन की निगरानी और शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है। साथ ही नागरिकों के लिए ऐसा स्पष्ट माध्यम उपलब्ध कराने की मांग है, जहां वे संदिग्ध अथवा अवैध खनन की जानकारी प्रमाण सहित संबंधित विभाग तक पहुंचा सकें।
रायगढ़ जिले में लीज पर आवंटित सभी खदानों की अद्यतन सूची सार्वजनिक और नियमित रूप से अपडेट करने की मांग की गई है। इससे वैध खनन गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ अवैध खनन एवं खनिज की कालाबाजारी से जुड़ी शिकायतों की पहचान और जांच में आम जनता की सहभागिता बढ़ सकती है। खनिज संपदा की सुरक्षा को प्रशासन, विभाग, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए पारदर्शी जानकारी और प्रभावी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।