बालको का स्वास्थ्य संकल्प, 70 से अधिक गांवों में 1.2 लाख लोगों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं
भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ के माध्यम से कोरबा और छत्तीसगढ़ के 70 से अधिक गांवों में 1.2 लाख से ज्यादा लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। प्राथमिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, निवारक देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता के साथ बालको अस्पताल और बालको मेडिकल सेंटर के जरिए विशेषज्ञ एवं उन्नत चिकित्सा सेवाओं का भी विस्तार किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए ‘आरोग्य’ परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है। कंपनी के अनुसार, वर्ष भर में कोरबा और छत्तीसगढ़ के 70 से अधिक गांवों के 1.2 लाख से ज्यादा लोगों तक विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। प्राथमिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, निवारक देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता को इस पहल का प्रमुख केंद्र बनाया गया है।
वित्तवर्ष 2026 में ‘आरोग्य’ परियोजना के तहत 92 हजार से अधिक लोगों को प्राथमिक, निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 4,800 लोगों को प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श मिला। दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए दो मोबाइल हेल्थ वैन भी संचालित की गईं।
मल्टी-स्पेशलिटी हेल्थ कैंप के जरिए सामान्य चिकित्सा के साथ दंत, त्वचा, हड्डी और स्त्री रोग जैसी विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 51 आंगनबाड़ी केंद्रों में शून्य से पांच वर्ष तक के 3,300 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 268 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित कर विशेष देखभाल दी गई, जबकि गंभीर रूप से कुपोषित 18 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया गया। एनीमिया उन्मूलन के लिए 45 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1,137 गर्भवती महिलाओं, माताओं और किशोरियों को पोषण तथा आयरन सेवन के महत्व की जानकारी दी गई। ‘बेबी स्टेप्स टुगेदर’ पहल के तहत 80 से अधिक दंपतियों को मातृत्व देखभाल में पिता की भूमिका के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
नशा मुक्ति अभियान के तहत विद्यालयों, युवा चौपाल, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविरों के माध्यम से 4,900 से अधिक युवाओं और समुदाय के लोगों को जागरूक किया गया। वहीं टीबी और एचआईवी जागरूकता के 110 सत्रों के जरिए 67 हजार से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई और 64 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। सुरक्षित मातृत्व दिवस, विश्व मलेरिया दिवस, स्तनपान सप्ताह, पोषण माह और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अवसरों पर भी विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बालको अस्पताल भी स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 125 बेड वाले मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में सालाना करीब 2.2 लाख मरीजों के उपचार का दावा किया गया है। यहां जनरल मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा और फिजियोथेरेपी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में सीटी स्कैन, 2डी ईको, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और अन्य डायग्नोस्टिक सुविधाओं के साथ डायलिसिस, जॉइंट रिप्लेसमेंट, मोतियाबिंद सर्जरी और अन्य उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं।
बालको मेडिकल सेंटर, नया रायपुर के माध्यम से कैंसर देखभाल को भी व्यापक स्वरूप दिया गया है। 170 बेड वाले तृतीयक कैंसर केंद्र में कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान और उपचार के साथ रेडिएशन थेरेपी, ब्रैकीथेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। कंपनी के अनुसार, 2018 में स्थापना के बाद यहां करीब 76 हजार मरीजों का उपचार और लगभग 14 हजार बड़ी सर्जरी की जा चुकी हैं।
बालको के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अब कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर जिलों के 128 गांवों तक पहुंच रहे हैं। ‘आरोग्य’, बालको अस्पताल और बालको मेडिकल सेंटर के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य से लेकर विशेषज्ञ और उन्नत कैंसर उपचार तक सेवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाना तथा स्वस्थ एवं सशक्त समुदाय के निर्माण में योगदान देना है।