उभेगांव ग्राम सभा में फिश पार्लर और नोडल अधिकारी की नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध

छिंदवाड़ा की ग्राम पंचायत उभेगांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में फिश पार्लर निर्माण, नोडल अधिकारी की नियुक्ति और पंचायत के निर्माण कार्यों को लेकर विवाद सामने आया। ग्रामीणों ने उन निर्माण कार्यों से जुड़े सब इंजीनियर राजू भूमरकर को नोडल अधिकारी बनाए जाने पर आपत्ति जताई, जिनको लेकर शिकायतें और जांच चलने की बात कही गई। वहीं स्कूल और आबादी के बीच बन रहे फिश पार्लर का निर्माण रोककर उसे गांव से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव ग्राम सभा में पारित किया गया।

Oct 6, 2026 - 18:58
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उभेगांव ग्राम सभा में फिश पार्लर और नोडल अधिकारी की नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत उभेगांव में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में फिश पार्लर निर्माण, नोडल अधिकारी की नियुक्ति और पंचायत के विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर विवाद सामने आया। ग्राम सभा शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों ने सब इंजीनियर राजू भूमरकर को नोडल अधिकारी बनाए जाने पर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत के जिन निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें और जांच की बात सामने आई है, उन्हीं कार्यों से जुड़े अधिकारी को ग्राम सभा का नोडल अधिकारी बनाए जाने से निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

ग्राम पंचायत के पंच और निर्माण एवं विकास समिति के सदस्य पंचम अमरोदे सहित ग्रामीणों ने सरपंच को जनपद पंचायत सीईओ के नाम आवेदन सौंपा। आवेदन में मांग की गई कि जांच पूरी होने तक राजू भूमरकर को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी से हटाया जाए और पंचायत सेक्टर से अलग किसी निष्पक्ष अधिकारी को ग्राम सभा की जिम्मेदारी दी जाए। ग्रामीणों ने नोडल अधिकारी की नियुक्ति को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले में निष्पक्षता बरकरार रखने की मांग की।

ग्राम सभा में पंचायत स्पेक्टर दिलीप नुन्हारिया और नोडल अधिकारी राजू भूमरकर पहुंचे। ग्रामीणों ने नोडल अधिकारी की मौजूदगी पर विरोध जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और उन्हें हटाने की मांग की। आपत्ति के बावजूद राजू भूमरकर ग्राम सभा में मौजूद रहे, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।

इसके बाद ग्राम सभा में निर्माणाधीन फिश पार्लर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों के अनुसार फिश पार्लर का निर्माण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और घनी आबादी के बीच कराया जा रहा है। इस स्थल को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए निर्माण रोकने और फिश पार्लर को गांव से बाहर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। उभेगांव के ग्रामीणों के अलावा अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा, जैन समाज और भाजपा ग्रामीण मंडल उपाध्यक्ष गेन्दसिंग वानखेड़े की ओर से भी अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत किए गए।

ग्राम सभा में सचिव सुधाकर लिंगायत ने संबंधित प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। ग्रामीणों ने प्रस्ताव का समर्थन किया और वर्तमान स्थल पर फिश पार्लर का निर्माण रोककर उसे गांव से बाहर स्थानांतरित करने पर सहमति जताई। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि स्कूल और घनी आबादी के बीच फिश पार्लर बनने से दुर्गंध, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल सामने आ सकते हैं।

बैठक के दौरान पंचायत के निर्माण कार्यों की शिकायत करने और सवाल उठाने वाले लोगों को कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने तथा कार्रवाई की धमकी दिए जाने का आरोप भी ग्रामीणों की ओर से लगाया गया। इस मामले में ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्राम सभा में मशरूम भवन, अमृत सरोवर, फिश पार्लर, आंगनवाड़ी भवन और नल-जल योजना के मरम्मत कार्य सहित विभिन्न निर्माण कार्यों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने इन कार्यों की स्वीकृति, तकनीकी गुणवत्ता, माप पुस्तिका, भुगतान और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग रखी।

इसके अलावा पंचायत में पुराने बिलों के भुगतान का मुद्दा भी बैठक में उठा। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ कार्यों के बिल दो-तीन वर्षों से लंबित होने की बात कही जा रही है। उन्होंने भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। ग्राम सभा में बिजली, पानी, सड़क, नाली, आवास, पेंशन और गांव में गंदगी जैसी मूलभूत समस्याओं को भी ग्रामीणों ने उठाया। फिलहाल फिश पार्लर को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव और निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।