बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत का मामला: एक सप्ताह में 3 बच्चों की मौत का दावा, मुआवजे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर-बिरसा क्षेत्र में बैगा बच्चों की मौत का मामला फिर चर्चा में है। कांग्रेस विधायक संजय उइके ने एक सप्ताह में तीन बच्चों की मौत और अब तक 55 बच्चों की जान जाने का दावा किया है। वहीं, जिला प्रशासन के अनुसार 32 पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे ने कहा कि सर्वे में छूटे परिवारों को भी नियमानुसार सहायता दी जाएगी।

Oct 27, 2026 - 10:11
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बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत का मामला: एक सप्ताह में 3 बच्चों की मौत का दावा, मुआवजे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़, बालाघाट l मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर-बिरसा क्षेत्र में बैगा बच्चों की मौत का मामला एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। बीते एक सप्ताह में तीन बच्चों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस विधायक संजय उइके ने अब तक 55 बच्चों की मौत का दावा करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिए जाने की जानकारी देते हुए कहा है कि यदि कोई पात्र परिवार छूट गया है, तो उसे भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कांग्रेस विधायक संजय उइके का दावा है कि बैगा समुदाय के अब तक 55 बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वे और जांच की बात कही जा रही है, लेकिन बच्चों की मौतों को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के परिणामों पर सवाल बने हुए हैं। विधायक ने स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी चिंता जताई है। उनके मुताबिक, बीते एक सप्ताह में तीन बच्चों की मौत की जानकारी सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मौतों के आंकड़ों, प्रभावित परिवारों की स्थिति और अब तक किए गए प्रयासों को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।

मुआवजे को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया है। जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक 32 पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं, संजय उइके का आरोप है कि सहायता वितरण में कुछ प्रभावित परिवार छूट गए हैं। विधायक के अनुसार, शुरुआत में प्रशासन को 19 बच्चों के परिजनों की सूची मिली थी और उन्हीं परिवारों को सहायता दी गई। बाद में सामने आए मामलों में अन्य परिवारों के छूटने की आशंका को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन दावों और वास्तविक आंकड़ों की पुष्टि के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा प्रभावित परिवारों की सूची का मिलान महत्वपूर्ण होगा।

इस मामले में पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के बालाघाट दौरे के दौरान वे स्वयं पीड़ित परिवारों से मिले थे। उस समय कांग्रेस विधायक संजय उइके भी मौजूद थे। कावरे के मुताबिक, सरकारी रिपोर्ट और सर्वे के आधार पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि सर्वे या सूची में कोई पात्र परिवार छूट गया है, तो उसे भी सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा।

बैगा बच्चों की मौत का मामला अब स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ सहायता वितरण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है। एक ओर कांग्रेस विधायक मौतों के आंकड़ों और कथित रूप से छूटे परिवारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व मंत्री का कहना है कि सरकारी रिपोर्ट के आधार पर सहायता दी गई है और छूटे परिवारों को भी मदद मिलेगी।

फिलहाल, इस मामले में मौतों के कुल आंकड़े, उनके कारणों और आर्थिक सहायता से वंचित परिवारों की वास्तविक संख्या को लेकर स्पष्ट तथा सत्यापित जानकारी सामने आना जरूरी है। प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी, समय पर उपचार और परिवारों तक सहायता पहुंचाना प्रमुख चुनौती बनी हुई है।