रायपुर में बैक टू नेचर सोसायटी का कलम आदान-प्रदान कार्यक्रम, एडेनियम पौधे की देखभाल के बताए तरीके

बैक टू नेचर सोसायटी, रायपुर के कलम आदान-प्रदान कार्यक्रम में गार्डन विशेषज्ञ चेतन बंछोर ने एडेनियम (डेजर्ट रोज) पौधे की देखभाल, धूप, पानी, मिट्टी और छंटाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यक्रम में प्रकृति प्रेमियों ने गार्डन संबंधी समस्याओं पर मार्गदर्शन लेने और अनुभव साझा करने की अपील की।

Oct 27, 2026 - 08:57
Oct 27, 2026 - 08:58
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रायपुर में बैक टू नेचर सोसायटी का कलम आदान-प्रदान कार्यक्रम, एडेनियम पौधे की देखभाल के बताए तरीके

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बैक टू नेचर सोसायटी द्वारा आयोजित पौधों के कलम आदान-प्रदान कार्यक्रम में गार्डनिंग और पौधों की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। कार्यक्रम में सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी ने रायपुर के गार्डन प्रेमियों और प्रकृति के प्रति रुचि रखने वाले लोगों से अपनी गृह वाटिका एवं गार्डन को बेहतर बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गार्डन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल को समूह में साझा किया जाना चाहिए, ताकि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उसका उचित समाधान प्राप्त किया जा सके।

कार्यक्रम में गार्डन विशेषज्ञ चेतन बंछोर ने एडेनियम पौधे की देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एडेनियम को डेजर्ट रोज के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने आकर्षक फूलों और मोटे तने के कारण सजावटी पौधों में लोकप्रिय है। विशेषज्ञ ने बताया कि इसके मोटे तने को कॉडेक्स कहा जाता है, जिसमें पौधा पानी संचित करके रखता है। इसके फूल गुलाबी, लाल, सफेद सहित कई रंगों में खिलते हैं, जिससे यह घरों की गृह वाटिका और गार्डन की सुंदरता बढ़ाता है।

चेतन बंछोर ने बताया कि एडेनियम के अच्छे विकास के लिए पर्याप्त धूप जरूरी है। पौधे में जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। मिट्टी पूरी तरह सूखने के बाद ही पानी देना चाहिए, क्योंकि लगातार गीली मिट्टी रहने से जड़ों के सड़ने का खतरा रहता है। पौधे को ऐसे गमले में लगाना चाहिए, जिसमें पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके साथ ही ऐसी मिट्टी का चयन करना जरूरी है, जिससे अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके।

उन्होंने पौधे की नियमित देखभाल के महत्व पर भी प्रकाश डाला। समय-समय पर शाखाओं की कटाई-छंटाई करने से पौधे का आकार बेहतर होता है और वह अधिक घना एवं आकर्षक दिखाई देता है। एडेनियम को अधिक बारिश और गमले में पानी जमा होने से बचाना चाहिए। उचित धूप, संतुलित सिंचाई और सही मिट्टी की व्यवस्था के साथ इस पौधे को कई वर्षों तक स्वस्थ रखते हुए सुंदर फूल प्राप्त किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रकृति प्रेमियों को पौधों के रखरखाव के प्रति जागरूक करना और गार्डनिंग से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान करना रहा। मोहन वर्ल्यानी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि आर.के. जैन ने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया। राम खटवानी ने मंच संचालन किया।

इस अवसर पर शिल्पी नागपुरे, सर्वत्र सेठी, ममता मिश्रा, सुधा केसरवानी, अभिलाषा पंडा और एल.के. महावर सहित अनेक प्रकृति प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पौधों की देखभाल से जुड़ी जानकारी साझा करने और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से गृह वाटिका को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।