बिश्रामपुर SECL के 33 KV सब स्टेशन में करंट से युवक की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर में SECL वर्कशॉप के पीछे स्थित 33 KV सब स्टेशन में करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवनंदनपुर निवासी आर्यन उर्फ पोकिया के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी में युवक के कथित चोरी के इरादे से सब स्टेशन में प्रवेश करने की बात सामने आई है। घटना के बाद विद्युत केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और अनधिकृत प्रवेश रोकने के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। युवक को कथित तौर पर दिहाड़ी काम पर लगाए जाने की चर्चा की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, बिश्रामपुर सूरजपुर l SECL बिश्रामपुर के वर्कशॉप के पीछे स्थित 33 KV सब स्टेशन में देर शाम करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवनंदनपुर निवासी आर्यन उर्फ पोकिया के रूप में बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। सूचना मिलने पर संबंधित पुलिस कार्रवाई में जुट गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक कथित तौर पर चोरी के इरादे से सब स्टेशन परिसर में प्रवेश करने पहुंचा था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
संवेदनशील विद्युत केंद्र की सुरक्षा पर सवाल
33 KV सब स्टेशन एक संवेदनशील विद्युत प्रतिष्ठान है, जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि युवक सब स्टेशन के अंदर तक कैसे पहुंचा? क्या परिसर में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी? क्या सुरक्षा कर्मियों की नियमित निगरानी और गश्त की जा रही थी? इन सवालों का जवाब घटना की निष्पक्ष जांच से सामने आना चाहिए।
दिहाड़ी पर काम कराने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आई है कि SECL के कुछ कर्मचारियों द्वारा आर्यन को कथित तौर पर सब स्टेशन में दिहाड़ी कार्य के लिए लगाया गया था। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह जानकारी सही पाई जाती है, तो युवक को किस काम के लिए बुलाया गया था, उसे परिसर में प्रवेश की अनुमति किसने दी और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इन बिंदुओं की जांच आवश्यक होगी।
SECL प्रबंधन के आधिकारिक बयान का इंतजार
घटना के बाद SECL प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में हादसे की परिस्थितियों, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए त्रिपुरा राइफल्स के साथ अनुबंध और जवानों की तैनाती की व्यवस्था होने के बावजूद ऐसी घटना कैसे हुई। यदि जवान तैनात थे, तो घटना के समय उनकी ड्यूटी और निगरानी व्यवस्था की जानकारी सामने आनी चाहिए।
युवक के कथित चोरी प्रयास की जांच पुलिस का विषय है, लेकिन औद्योगिक और विद्युत सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। घटना की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि युवक परिसर में कैसे पहुंचा और कहीं सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक तो नहीं हुई। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।