राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ आगमन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत; बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में होंगी शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर 2026 को रायपुर पहुंचीं, जहां राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में शामिल होने को छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति एवं गौरवशाली परंपराओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।

Oct 23, 2026 - 07:53
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ आगमन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत; बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में होंगी शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ आगमन पर राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल में आत्मीय स्वागत किया गया। 22 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति के रायपुर पहुंचने पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। राष्ट्रपति के इस दौरे को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक आयोजनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर उनके आगमन को गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा है। राष्ट्रपति का यहां आगमन प्रदेशवासियों के लिए सम्मान और प्रसन्नता का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखती है। उनके शामिल होने से प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार का विशेष महत्व

बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। यह आयोजन अपनी अनूठी परंपराओं, धार्मिक आस्था और जनजातीय रीति-रिवाजों के लिए जाना जाता है। सामान्य दशहरा पर्व से अलग, बस्तर दशहरा का संबंध माता दंतेश्वरी की आराधना और स्थानीय परंपराओं से जुड़ा हुआ है। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न समुदायों की भागीदारी देखने को मिलती है।

वहीं, मुरिया दरबार बस्तर की पारंपरिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मंच पर स्थानीय परंपराओं, जनजातीय समाज की भागीदारी और क्षेत्र से जुड़े विषयों को महत्व दिया जाता है। राष्ट्रपति की प्रस्तावित सहभागिता से इन परंपराओं और जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

जनजातीय संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति के दौरे को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी विविध परंपराओं, लोकसंस्कृति और जनजातीय जीवनशैली से है। ऐसे आयोजनों में देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति की उपस्थिति प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

राष्ट्रपति के आगमन और बस्तर के ऐतिहासिक आयोजनों में उनकी सहभागिता को लेकर प्रदेश में विशेष उत्साह का माहौल है। यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को सामने लाने का अवसर प्रदान करेगा।