पुरोहित प्रशिक्षण से संस्कार निर्माण तक, खम्हरिया में 1008 दीपों से जगमगाया दीप महायज्ञ
माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के अवसर पर गायत्री परिवार दुर्ग ग्रामीण की ओर से खम्हरिया में एक दिवसीय पुरोहित प्रशिक्षण कार्यशाला, साधना और दीप महायज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर्मकांड एवं पुरोहितीय विधि-विधान का प्रशिक्षण दिया गया। मंत्रोच्चार की शुद्धता, यज्ञ की वैज्ञानिक पद्धति और गायत्री साधना के महत्व पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में 1008 दीपों से दीप यज्ञ आयोजित हुआ, जिसमें साधकों, पुरोहितों और गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने घर-घर यज्ञ और संस्कार निर्माण के अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, भिलाई l परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के अवसर पर गायत्री परिवार दुर्ग ग्रामीण की ओर से रविवार, 20 सितंबर को कुमकुम मंगलम भवन, खम्हरिया (धनोरा), दुर्ग में एक दिवसीय पुरोहित प्रशिक्षण कार्यशाला, सामूहिक साधना और दीप महायज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य घर-घर यज्ञ, गायत्री साधना और संस्कार परंपरा को पहुंचाने के साथ समाज में सद्विचार, सद्भावना और सकारात्मक चिंतन को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक साधना के साथ हुई। इसके बाद कर्मकांड एवं पुरोहितीय विधि-विधान से संबंधित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रणेश विश्वास और मीनाक्षी विश्वास ने मंत्रोच्चार की शुद्धता, कर्मकांड की विधियों तथा प्रभावशाली और वैज्ञानिक पद्धति से यज्ञ संपन्न कराने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण में पुरोहितीय कार्य से जुड़े व्यवहारिक पक्षों के साथ यज्ञ और संस्कार परंपरा को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में रमाकांत देशमुख ने गायत्री की महिमा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गायत्री साधना और यज्ञ के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि गायत्री के संदेश को सरल और वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने से समाज में सकारात्मक विचारों और संस्कारों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने यज्ञ एवं साधना की परंपरा को परिवार और समाज के स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतिम चरण में आयोजित दीप महायज्ञ रहा। इस दौरान 1008 दीपों को प्रज्ज्वलित कर सामूहिक रूप से दीप यज्ञ संपन्न किया गया। दीपों की रोशनी से कार्यक्रम स्थल का वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय नजर आया। गायत्री परिवार की ओर से माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष को जनजागरण, संस्कार निर्माण और सामाजिक चेतना से जोड़ने का संदेश दिया गया।
आयोजन में जिला समन्वयक लोकनाथ साहू, दुर्ग ग्रामीण समन्वयक नरेंद्र सिंहा, रामेशर निषाद, डॉ. सी.एल. साहू, राधेश्याम, देवी प्रसाद, तुलाराम, उमेश, गिरधार साहू, मन्नू लाल, राजेंद्र, टेमन साहू, आदित्य भारद्वाज, हिमांशु साहू, युवराज साहू, राजकुमार साहू, दिलीप दिल्लीवार, महेश कुमार बेलचंदन और राजकुमार ठाकुर सहित गायत्री परिवार से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा सुनीती साहू, सीता देशमुख, दिनेश्वर लाल यादव, गिरधर लाल साहू, मन्नू लाल हिरवानी, अरुण कुमार साहू, जनार्दन साहू, राजेश कुमार साहू, लिखेन्द्र साहू, मोहन लाल साहू, सुनीता पटेल, कमलेश हिरवानी, गोदावरी साहू, चन्द्रिका पटेल, भारती साहू, कोकिला साहू, कमलेश्वरी यादव, सुशीला देवांगन और द्रौपती साहू सहित बड़ी संख्या में साधक, पुरोहित और गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने जन्म शताब्दी वर्ष को जनजागरण, संस्कार निर्माण और घर-घर यज्ञ के अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया।