शरद पूर्णिमा 2026: घर पर बनाएं स्वादिष्ट खीर, जानें आसान रेसिपी और चांदनी रात में रखने की परंपरा

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा के साथ खीर बनाने और उसे चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा है। दूध, चावल, चीनी और मेवों से तैयार होने वाली मलाईदार खीर को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। जानिए खीर बनाने की विधि, जरूरी सामग्री, धार्मिक मान्यता और इसे सुरक्षित रखने के तरीके।

Oct 25, 2026 - 13:28
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शरद पूर्णिमा 2026: घर पर बनाएं स्वादिष्ट खीर, जानें आसान रेसिपी और चांदनी रात में रखने की परंपरा

UNITED NEWS OF ASIA. शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाला पर्व है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने के साथ घरों में दूध और चावल से बनी खीर तैयार करने की परंपरा है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ चमकता है और उसकी किरणें अमृत के समान गुणकारी मानी जाती हैं। इसी धार्मिक विश्वास के चलते कई परिवार खीर को चांदनी रात में रखने के बाद अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। अगर आप भी शरद पूर्णिमा पर घर में पारंपरिक खीर बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान चरणों का पालन करके स्वादिष्ट और मलाईदार खीर तैयार कर सकते हैं।

खीर बनाने के लिए जरूरी सामग्री

शरद पूर्णिमा की खीर बनाने के लिए एक लीटर फुल क्रीम दूध, आधा कप बासमती चावल और आधा कप चीनी की आवश्यकता होगी। स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए 8 से 10 बादाम, 8 से 10 काजू, 8 से 10 किशमिश, 4 से 5 इलायची और केसर के कुछ धागे रखें। सामग्री की मात्रा परिवार के सदस्यों और स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा की जा सकती है।

घर पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट खीर

सबसे पहले बासमती चावल को अच्छी तरह धोकर लगभग 20 मिनट तक पानी में भिगो दें। इसके बाद चावल का पानी निकालकर उन्हें अलग रख लें। अब एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालकर मध्यम आंच पर उबालें। दूध में उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और उसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि दूध बर्तन के तले में न लगे।

इसके बाद दूध में भीगे हुए चावल डालें और धीमी आंच पर लगभग 30 से 40 मिनट तक पकाएं। चावल को अच्छी तरह पकने दें और खीर को समय-समय पर चलाते रहें। जब चावल नरम हो जाएं और दूध गाढ़ा होने लगे, तब इसमें चीनी और बारीक कटे बादाम-काजू डालें। इसके बाद कुटी हुई इलायची, किशमिश और केसर के धागे मिलाकर 5 से 10 मिनट तक और पकाएं। खीर के मलाईदार होने पर गैस बंद कर दें। इस तरह शरद पूर्णिमा के लिए स्वादिष्ट पारंपरिक खीर तैयार हो जाएगी।

चांदनी रात में खीर रखने का क्या है महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा है। माना जाता है कि चांदनी के संपर्क में रखने से खीर में अमृत तुल्य गुण आ जाते हैं। इसी विश्वास के कारण कई परिवार खीर को छत या खुले आंगन में रखकर अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। यह धार्मिक मान्यता है; चंद्रमा की रोशनी से खीर में औषधीय गुण बढ़ने का वैज्ञानिक प्रमाण स्थापित नहीं है।

खीर रखते समय रखें सावधानी

खीर का स्वाद बेहतर बनाने के लिए उसे धीमी आंच पर पकाना जरूरी है। चीनी चावल अच्छी तरह पकने के बाद डालें, ताकि खीर का स्वाद और बनावट अच्छी रहे। दूध से बनी खीर को पूरी रात खुले में रखने से उसमें धूल, कीड़े और बैक्टीरिया पहुंचने का खतरा हो सकता है। इसलिए खीर को ढककर फ्रिज में सुरक्षित रखना बेहतर है। धार्मिक परंपरा निभाने के लिए थोड़ी देर चांदनी में रख सकते हैं, लेकिन खीर को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें। प्रसाद ग्रहण करने से पहले उसकी ताजगी और सुरक्षित रखे जाने का ध्यान रखें।