रामानुजगंज में फर्जी लोन गिरोह सक्रिय! पोस्टर के जरिए ठगी, इंश्योरेंस के नाम पर वसूले जा रहे पैसे
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में दीवारों और बिजली के खंभों पर लोन दिलाने के लुभावने पोस्टर लगाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठग 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का लोन दिलाने का झांसा देकर इंश्योरेंस के नाम पर अग्रिम राशि मांग रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिले के रामानुजगंज शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोन दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। शहर के चौक-चौराहों, बिजली के खंभों और दीवारों पर लोन दिलाने के लुभावने पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से लोगों को 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का तुरंत लोन दिलाने का दावा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और कथित ठगी के एक पीड़ित ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। आरोप है कि जरूरतमंद लोगों को आसान लोन का लालच देकर उनसे पैसे और निजी दस्तावेज हासिल किए जा रहे हैं।
ऐसे शुरू होता है कथित ठगी का खेल
पीड़ित के अनुसार, पोस्टर पर दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति भरोसा दिलाने वाले और पेशेवर अंदाज में बातचीत करता है। इसके बाद लोन की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक की तस्वीर व्हाट्सएप के माध्यम से मांगी जाती है।
दस्तावेज मिलने के बाद लोन स्वीकृत होने का दावा किया जाता है। इसके बाद इंश्योरेंस और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अग्रिम भुगतान मांगे जाने का आरोप है।
3 लाख रुपये के लोन के लिए मांगे 3,900 रुपये
पीड़ित ने बताया कि कथित तौर पर प्रति लाख रुपये के हिसाब से 1,300 रुपये इंश्योरेंस के नाम पर मांगे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, 3 लाख रुपये के लोन के लिए 3,900 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा जाता है।
आरोप है कि रकम भेजने के बाद भी लोन की राशि नहीं मिलती। इसके बाद कभी सर्वर डाउन होने, कभी बैंक खाते में समस्या और कभी अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर अतिरिक्त भुगतान की मांग की जाती है।
पीड़ित का दावा है कि पैसे भेजने के बावजूद न तो लोन की राशि मिलती है और न ही जमा की गई रकम वापस की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच होना बाकी है।
प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर पीड़ित ने जिला प्रशासन और रामानुजगंज थाना पुलिस से पोस्टरों पर दिए गए मोबाइल नंबरों की जांच करने, संबंधित लोगों की पहचान करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो जरूरतमंद लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी होगी।
आम जनता से सतर्क रहने की अपील
लोन दिलाने के नाम पर अनजान व्यक्तियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या अन्य संवेदनशील दस्तावेज भेजने से बचें। किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध संस्था के खाते में अग्रिम रकम ट्रांसफर करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।