राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री पर रामनामी समुदाय से मिले पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस दौरान 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलने पर मंत्री ने समुदाय के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने रामनामी समाज की आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

Sep 28, 2026 - 17:22
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राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री पर रामनामी समुदाय से मिले पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से नया रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की लोक-सांस्कृतिक विरासत, रामनामी समाज की आस्था और परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में रामनामी समुदाय की आस्था, परंपरा और जीवनशैली पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलने पर मंत्री ने समुदाय के सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामनामी समुदाय छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोक-सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समुदाय की आस्था, परंपराएं और जीवनशैली प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

मंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और रामनामी समाज की जीवंत विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से रामनामी समाज की विशिष्ट पहचान, आस्था और सांस्कृतिक जीवन को देशभर में व्यापक मंच मिला है।

राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की संस्कृति की विशेषता इसकी जीवंतता और जनजीवन से गहरा जुड़ाव है। यहां की लोक परंपराएं, जनजातीय एवं लोक कलाएं, आस्था से जुड़ी परंपराएं और विभिन्न समुदायों की विशिष्ट जीवनशैली प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती हैं। रामनामी समाज की परंपराएं भी इसी व्यापक सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्थानीय परंपराओं, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ उन्हें व्यापक मंच उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुलाकात के दौरान मंत्री ने रामनामी समुदाय के सदस्यों से उनकी परंपराओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाज की विशिष्ट पहचान से जुड़े विषयों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में समाज और समुदायों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को मिले राष्ट्रीय सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त की और मंत्री के प्रति आभार जताया। बैठक में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।