बलरामपुर में निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस का विरोध, ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग

बलरामपुर जिले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सामने आई रिपोर्टों के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके कार्यकाल के फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच कराने तथा आपराधिक कार्रवाई की मांग की। यह मांग उन मीडिया रिपोर्टों के बाद उठी, जिनमें निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के संदर्भ में कहा है कि आयोग के महत्वपूर्ण निर्णयों पर तीनों आयुक्तों की सहमति रही है।

Sep 28, 2026 - 17:18
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बलरामपुर में निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस का विरोध, ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। जिले में भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग से जुड़े हालिया विवादों का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की स्वतंत्र जांच कराने और कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का यह विरोध उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया है, जिनमें निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा चुनावी डेटा और आईटी प्रणाली से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

 

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने कुछ फैसलों के संबंध में यह सवाल उठाया था कि क्या संबंधित निर्णयों और आदेशों के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी दी गई थी। आईटी सिस्टम और मतदाता सूची के डेटा तक पहुंच के केंद्रीकरण को लेकर भी आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई। 29 जुलाई 2026 को दोनों आयुक्तों ने चुनावी रोल से संबंधित आईटी व्यवस्था और कार्य आवंटन के मुद्दे पर कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखा था।

इन रिपोर्टों के बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बलरामपुर में कांग्रेस नेताओं ने मांग रखी कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही कांग्रेस नेताओं ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग भी रखी।

हालांकि, निर्वाचन आयोग से जुड़े अधिकारियों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि आयोग के सभी महत्वपूर्ण निर्णयों, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR भी शामिल है, को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी। आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि सदस्यों के बीच विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम निर्णय आयोग द्वारा सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।

बलरामपुर में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव सहित विभिन्न ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और SIR से संबंधित मुद्दों को लेकर कांग्रेस की ओर से अपनी मांगें रखी गईं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। कार्यक्रम में समीर सिंह देव, मधु गुप्ता, हरीश मिश्रा, अब्दुल्ला खान, मोहन सिंह, विजय पैकरा, देवनारायण मरावी, साधु चरण यादव, विश्वजीत सिंह देव, राम देव जागते, अजय गुप्ता, सुनील गुप्ता, विवेक प्रताप सिंह, मोहम्मद बख्श, व्यास मुनि यादव, कृपा शंकर सिंह, प्रमोद गोस्वामी, संतोष यादव, लाल सिंह, जितेंद्र गुप्ता सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।