रायपुर में 14 से 19 अक्टूबर तक सजेगी ‘रंगीलो रास गरबा’ की भव्य महफिल, पारंपरिक वेशभूषा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति रहेगी खास आकर्षण
राजधानी रायपुर के जैनम मानस भवन में 14 से 19 अक्टूबर तक ‘रंगीलो रास गरबा’ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में पारंपरिक गरबा संगीत, छत्तीसगढ़ी संस्कृति, बस्तर आर्ट और पारंपरिक व्यंजनों को विशेष स्थान दिया जाएगा। प्रतिभागियों के लिए पारंपरिक परिधान अनिवार्य रहेंगे। आयोजकों ने सुरक्षा, चिकित्सा, पार्किंग और महिला बाउंसर्स सहित विशेष व्यवस्थाएं की हैं। विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को आकर्षक उपहार भी दिए जाएंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में नवरात्रि के उत्साह के बीच पारंपरिक डांडिया और गरबा का लोकप्रिय आयोजन ‘रंगीलो रास गरबा’ 14 से 19 अक्टूबर तक जैनम मानस भवन में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बुधवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर इसकी तैयारियों और विशेष आकर्षणों की जानकारी दी गई। आयोजन समिति के संस्थापक नीलेश मुंदडा ने बताया कि इस वर्ष शहरवासियों की सुविधा और बढ़ते यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है। जैनम मानस भवन में पर्याप्त पार्किंग और विशाल लॉन की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रतिभागी और दर्शक उत्सव का आनंद ले सकें।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और बस्तर आर्ट को मिलेगा मंच
आयोजन समिति के अनुसार, इस वर्ष गरबा उत्सव में पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। मंच पर बस्तर आर्ट की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे युवाओं को प्रदेश की समृद्ध कला और परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही गढ़कलेवा कॉर्नर में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां लोग चीला, फरा, भजिया, खुरमी और अनरसा जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।
पारंपरिक गरबा संगीत और ड्रेस कोड अनिवार्य
आयोजकों ने सांस्कृतिक परंपरा को बनाए रखने के लिए उत्सव में केवल पारंपरिक गरबा गीत बजाने का निर्णय लिया है। आयोजन में बॉलीवुड गानों पर रोक रहेगी। वहीं, प्रवेश के लिए पारंपरिक परिधान अनिवार्य किए गए हैं। वेस्टर्न और कैजुअल कपड़ों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा और पारिवारिक माहौल को ध्यान में रखते हुए कपल्स और ग्रुप एंट्री को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि अकेले पुरुष प्रतिभागियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
तिलक, सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर जोर
आयोजन समिति ने प्रवेश द्वार पर तिलक लगाने की व्यवस्था की जानकारी दी। समिति के अनुसार, इसका उद्देश्य हिंदू परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। सुरक्षा के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे और महिला बाउंसर्स तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों की मेडिकल टीम और हेल्थ पार्टनर की दो एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी।
विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक उपहार
‘रंगीलो रास गरबा’ में विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। विशेष रूप से ‘बेस्ट छत्तीसगढ़ी ट्रेडिशनल लुक’ पुरस्कार दिया जाएगा। इस श्रेणी में उन प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा, जो अपनी पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों के अनुसार, प्रायोजकों की ओर से विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को लाखों रुपये मूल्य के आकर्षक उपहार दिए जाएंगे।
आयोजन समिति का कहना है कि ‘रंगीलो रास गरबा’ को संस्कृति, पारंपरिक संगीत, मनोरंजन और सुरक्षा के समन्वय के साथ यादगार बनाने की तैयारी की गई है। प्रेसवार्ता में कपिल दोषी, मारुति काबरा, सीए अमित राठी, राजीव मुंदडा, आर्या दुबे, राम वाधवानी, अणुव्रत खटोर, अमर धिंगानी, शरद सारडा, विकास आहूजा और राकेश अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।