सहसपुर लोहारा महाविद्यालय को मिलेगी नई सौगात, 30 लाख के अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन

कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा स्थित शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया। उन्होंने 15 लाख रुपये की बाउंड्रीवॉल और साढ़े 4 लाख रुपये के बालिका शौचालय निर्माण की घोषणा की। युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और आधुनिक तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Oct 14, 2026 - 17:23
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सहसपुर लोहारा महाविद्यालय को मिलेगी नई सौगात, 30 लाख के अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। कबीरधाम जिले में उच्च शिक्षा की सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा स्थित शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय में 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय परिसर में 15 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल और साढ़े 4 लाख रुपये की लागत से बालिका शौचालय निर्माण कराने की घोषणा भी की। इन विकास कार्यों से महाविद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।

महाविद्यालय में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा विद्यार्थियों से रूबरू हुए और उनके भविष्य, शिक्षा तथा करियर से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कॉलेज केवल पढ़ाई करने का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के करियर निर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानकर निरंतर प्रयास करना चाहिए और समय का सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। डिजिटल माध्यमों के जरिए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कवर्धा क्षेत्र के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालयों में भी डिजिटल बोर्ड के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को पीएससी, एसएससी और यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में रहते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन मिल सकेंगे। आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा के उपयोग से युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बाउंड्रीवॉल और बालिका शौचालय की घोषणा को शैक्षणिक अधोसंरचना के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। अतिरिक्त कक्ष बनने से शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी, वहीं बाउंड्रीवॉल और शौचालय जैसी सुविधाएं कॉलेज परिसर को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक होंगी। युवा शक्ति संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, तकनीकी कौशल और करियर निर्माण के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना रहा।