राजधानी बन चुका है लापता शहर, हर घंटे 7 लोग हो रहे लापता: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने रायपुर में बढ़ती गुमशुदगी और अपराध की घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का दावा है कि एक दिन में 159 गुमशुदगी के मामले सामने आए, जिनमें 78 महिलाएं और 17 बच्चे शामिल हैं। कांग्रेस ने इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजधानी रायपुर में बढ़ती गुमशुदगी, अपराध, मानव तस्करी और अपहरण की घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और सरकार का अपराधियों पर नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने राजधानी को “लापता शहर” बताते हुए प्रदेश के गृह मंत्री से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के अनुसार राजधानी रायपुर में महज 24 घंटे के भीतर 159 गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज होने का दावा सामने आया है। इनमें 78 महिलाएं और 17 बच्चे शामिल बताए गए हैं। कांग्रेस ने इन आंकड़ों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। वर्मा ने दावा किया कि औसतन हर घंटे करीब सात लोगों के लापता होने की स्थिति सामने आ रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार और गृह विभाग कानून-व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम उठाने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग, निगरानी व्यवस्था और खुफिया तंत्र को मजबूत किए जाने की जरूरत है। कांग्रेस ने आशंका जताई कि बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों के गुमशुदा होने के पीछे मानव तस्करी और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों की भी जांच की जानी चाहिए।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन को गुमशुदगी के प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच करनी चाहिए और लापता लोगों की तलाश के लिए प्रभावी अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसिंग का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई के लिए अधिक किया जा रहा है, जबकि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू की गई व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने अभिव्यक्ति ऐप और डायल 112 जैसी सुविधाओं का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए ऐसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखना जरूरी है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजधानी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
सुरेंद्र वर्मा ने गृह मंत्री से सवाल किया कि राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के मामलों की रोकथाम के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की गुमशुदगी के मामलों की विशेष जांच, मानव तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि राजधानी के नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और गृह विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस जिम्मेदारी में विफलता की स्थिति में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।