हाथी प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, ग्रामीणों को जल्द मुआवजा दिलाने के निर्देश

छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा गांवों का दौरा कर हाथियों से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।

Oct 11, 2026 - 11:19
 0  2
हाथी प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, ग्रामीणों को जल्द मुआवजा दिलाने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हाथियों की गतिविधियों से प्रभावित गांवों का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दौरा किया। उन्होंने उदयपुर विकासखंड के मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और हाथियों के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया। मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर प्रभावित ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।

प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा दिलाने के निर्देश

गांवों के भ्रमण के दौरान राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर हाथियों की गतिविधियों से हो रही परेशानियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और अब तक की गई राहत संबंधी कार्रवाई की स्थिति जानी। मंत्री ने निर्देश दिए कि नुकसान का आकलन गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। नुकसान के आकलन से जुड़ी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शासन संवेदनशील है। प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझना और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से काम करते हुए संभावित खतरों को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में समय पर सूचना और सतर्कता से अप्रिय घटनाओं की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

मंत्री ने प्रभावित गांवों के लोगों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा वन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों की जागरूकता, सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय से हाथियों से जुड़े संभावित खतरों को कम किया जा सकता है।

प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश

राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और राहत संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

दौरे के दौरान वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। मंत्री के निर्देशों के अनुसार अब प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन और मुआवजा संबंधी प्रक्रिया समय पर पूरी करना संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।