मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ पर्यटन की धाक, अंतरराज्यीय सहयोग से बढ़ेंगी संभावनाएं

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों और टूर ऑपरेटरों के साथ संयुक्त प्रचार-प्रसार, पर्यटन सर्किट और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

Oct 11, 2026 - 11:12
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मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ पर्यटन की धाक, अंतरराज्यीय सहयोग से बढ़ेंगी संभावनाएं

UNITED NEWS OF ASIA. देश के पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में बोर्ड ने सहभागिता की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय परंपराओं और पर्यटन की विविध संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया। आयोजन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद तथा सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का जोर पर्यटन अधोसंरचना के विकास, पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की भागीदारी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

पर्यटन अधिकारियों के साथ सहयोग पर चर्चा

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान चौबे ने मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव इलैयाराजा सहित मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठकों में विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और अंतरराज्यीय पर्यटन को बढ़ावा देने के विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्यों के बीच पर्यटन संबंध मजबूत होने से पर्यटकों को एक ही यात्रा में अलग-अलग क्षेत्रों की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं को जानने का अवसर मिल सकता है। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं हैं।

चित्रकोट से सिरपुर तक पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन

ट्रैवल मार्ट में देशभर से आए टूर ऑपरेटरों और पर्यटन प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों से परिचित कराया गया। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरें, भोरमदेव मंदिर, मैनपाट का प्राकृतिक सौंदर्य और बस्तर की जनजातीय संस्कृति राज्य की प्रमुख विशेषताओं के रूप में प्रस्तुत किए गए।

छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था, इतिहास, लोककला और जनजातीय परंपराओं का विविध संगम देखने को मिलता है। राज्य में इको टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन विशेषताओं के प्रचार से राज्य के कम चर्चित पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन भ्रमण के लिए दिया आमंत्रण

ट्रैवल मार्ट के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों और प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित किया। इसका उद्देश्य उन्हें राज्य की प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं और वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। ऐसे भ्रमण से पर्यटन स्थलों को यात्रा कार्यक्रमों और पर्यटन पैकेजों में शामिल करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा प्रोत्साहन

पर्यटन गतिविधियों का विस्तार स्थानीय युवाओं, गाइडों, होटल एवं होमस्टे संचालकों, परिवहन व्यवसायियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा कर सकता है। ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान, कला और हस्तशिल्प को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में सहभागिता से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के प्रचार, अंतरराज्यीय सहयोग और नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच बनाने की संभावनाओं को बल मिला है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का लक्ष्य राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाकर पर्यटन आधारित विकास को आगे बढ़ाना है।