डोंगरगढ़ में 9 हजार ज्योति कलशों से जगमगाएगा मां बम्लेश्वरी धाम, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 1200 जवान

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी धाम में 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार तीनों मंदिरों में करीब 9 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए लगभग 1200 जवान तैनात रहेंगे। रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों और प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है। वहीं रोपवे सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होगा।

Oct 11, 2026 - 09:32
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डोंगरगढ़ में 9 हजार ज्योति कलशों से जगमगाएगा मां बम्लेश्वरी धाम, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 1200 जवान

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनांदगांव l छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी धाम में शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे नवरात्रि महोत्सव के दौरान माता के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस बार तीनों मंदिरों में करीब 9 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। ज्योति कलशों की रोशनी से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में जगमगाएगा। श्रद्धालुओं

नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 1200 जवानों की तैनाती की जाएगी। मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग और रेलवे स्टेशन सहित प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और दर्शन के दौरान होने वाली असुविधाओं को कम करना है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर के आसपास भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है, जो दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं और बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहता है।

मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, लगभग 200 वर्ष पहले खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह ने मंदिर का निर्माण कराया था। आजादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया। वर्तमान में मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन ट्रस्ट के माध्यम से किया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। नवरात्रि के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। नवरात्रि के दौरान रोपवे सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होगा। रखरखाव के लिए इसे एक घंटे बंद रखा जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोपवे परिसर में कैंटीन और वातानुकूलित वेटिंग हॉल की व्यवस्था भी मंदिर ट्रस्ट की ओर से की गई है।

नवरात्रि पर्व के दौरान ज्योति कलशों की जगमगाहट, अतिरिक्त रेल सुविधाओं, रोपवे और सुरक्षा इंतजामों के साथ डोंगरगढ़ में भक्तिमय माहौल रहने की उम्मीद है। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट का प्रयास है कि माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक अनुभव मिले। इसके लिए संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।