रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर मंगौड़ी सेंटर से नशीला सामान और नगदी बरामद, जेल प्रहरी पर भी आरोप

रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर स्थित मंगौड़ी सेंटर से गांजा, तंबाखू, नशीली गोलियां, सितार गुटखा के करीब 400 पैकेट, दो मोबाइल फोन और 70 से 72 हजार रुपये नगद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई जेल प्रशासन की दबिश के दौरान हुई। सेंटर संचालक राजेश वर्मा, जो जेल प्रहरी के पद पर पदस्थ बताए जा रहे हैं, से सामान जब्त होने की बात कही गई है। हालांकि इस पूरे मामले में जेल विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Sep 30, 2026 - 10:10
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रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर मंगौड़ी सेंटर से नशीला सामान और नगदी बरामद, जेल प्रहरी पर भी आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर से सेंट्रल जेल से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां जेल के बाहर स्थित मंगौड़ी सेंटर से गांजा और विभिन्न मादक पदार्थों के साथ बड़ी मात्रा में नगदी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जेल प्रशासन ने दबिश देकर सेंटर से गांजा, तंबाखू, नशीली गोलियां, सितार गुटखा के करीब 400 पैकेट और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा करीब 70 से 72 हजार रुपये नगद बरामद किए जाने की भी जानकारी है।

सूत्रों के मुताबिक जिस मंगौड़ी सेंटर से यह सामान बरामद हुआ है, उसका संचालन राजेश वर्मा द्वारा किया जाता है। राजेश वर्मा को जेल प्रहरी के पद पर पदस्थ बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार जेल के बाहर संचालित इस सेंटर के माध्यम से कथित तौर पर नशीले और प्रतिबंधित सामान की जेल के अंदर सप्लाई किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कार्रवाई के दौरान जेल प्रहरी मन्नत पुरैना से संबंधित 15 पैकेट तंबाखू भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों का यह भी दावा है कि जेल प्रहरी द्वारा ऑनलाइन भुगतान अपनी बेटी के बैंक खाते में लेने की बात सामने आई है। हालांकि इस दावे से जुड़े विस्तृत दस्तावेज या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि जेल प्रशासन की कार्रवाई के बाद पिछले तीन दिनों से संबंधित मंगौड़ी सेंटर बंद है। मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि जेल परिसर के बाहर संचालित सेंटर से यदि नशीले पदार्थों की आपूर्ति का आरोप सामने आया है, तो इसकी जांच किस स्तर तक की गई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार मामले में अभी तक केवल नोटिस दिए जाने की बात सामने आ रही है और किसी बड़ी विभागीय कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, यह जानकारी भी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरे मामले में जेल विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए बरामदगी, नशीले पदार्थों की कथित सप्लाई, ऑनलाइन भुगतान और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका से जुड़े सभी दावों को फिलहाल सूत्रों के हवाले से ही देखा जा रहा है।

मामले की वास्तविक स्थिति जेल प्रशासन या संबंधित जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि विभाग की ओर से आगे कोई कार्रवाई, जांच या आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो उससे मामले से जुड़े आरोपों और बरामदगी की स्थिति की पुष्टि हो सकेगी।