जांच में यह भी सामने आया कि 1,878 उपभोक्ताओं को वास्तविक रूप से सिलेंडर की डिलीवरी किए बिना ही ऑनलाइन वितरण दर्ज किया गया। मामले में खाद्य विभाग की शिकायत के आधार पर कोतरा रोड पुलिस ने एजेंसी से जुड़े चार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया है।
रिकॉर्ड और मौके के स्टॉक में अंतर
कलेक्टर के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव और खाद्य निरीक्षक चूड़ामणी सिदार की संयुक्त टीम ने गैस एजेंसी और गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद सिलेंडरों का मिलान किया गया।
जांच के दौरान 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले 633 भरे घरेलू सिलेंडर कम मिले। इसके अलावा 19 किलोग्राम क्षमता वाले 56 भरे और 127 खाली व्यावसायिक सिलेंडर भी स्टॉक में कम पाए गए। इस तरह कुल 816 सिलेंडरों की कमी सामने आई।
वहीं, जांच के दौरान 505 खाली घरेलू सिलेंडर अतिरिक्त पाए गए। इनमें से 304 सिलेंडरों की सील खुली हुई थी। जांच के अनुसार इन सिलेंडरों में गैस नहीं पाई गई।
बुकिंग और इनवॉइस के बाद भी नहीं मिली डिलीवरी
जांच के दौरान उपभोक्ताओं से जुड़ी डिलीवरी प्रक्रिया में भी अनियमितता सामने आई। कई उपभोक्ताओं ने गैस रिफिल की बुकिंग कराई थी और उनके नाम पर इनवॉइस भी जनरेट हुआ, लेकिन उन्हें वास्तविक रूप से सिलेंडर नहीं मिला।
मौके पर पहुंचे उपभोक्ताओं और फोन पर मिली शिकायतों की जांच के दौरान ऐसे 1,878 उपभोक्ताओं की जानकारी सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में नया गैस लोड मंगाने के लिए उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिए बिना ही ऑनलाइन स्टॉक में डिलीवरी दर्ज कर दी गई।
गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था में भी कमियां
भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था में भी कुछ कमियां दर्ज की गईं। निरीक्षण में सुरक्षा द्वार नहीं मिला। परिसर में सूखे पत्ते बिखरे हुए थे और केवल एक अग्निशमन यंत्र उपलब्ध पाया गया। गैस सिलेंडरों के भंडारण वाले परिसर में सुरक्षा संबंधी इन बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया।
चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
जांच में संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन के तथ्य सामने आने के बाद सहायक खाद्य अधिकारी की लिखित शिकायत पर कोतरा रोड पुलिस ने मामला दर्ज किया। एफआईआर में टीकाराम पटेल, भजराम धोबी, चेतन बरेठ और आशीष गेरा को नामजद किया गया है।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की आगे की वैधानिक विवेचना शुरू कर दी है। जांच में सिलेंडरों के स्टॉक में कमी, ऑनलाइन वितरण प्रविष्टियों और उपभोक्ताओं को वास्तविक डिलीवरी नहीं मिलने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।