कूंरा का नाम बदलकर होगा कुंवरगढ़, कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्षेत्र में जश्न

छत्तीसगढ़ सरकार ने धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर ऐतिहासिक नाम कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विधायक अनुज शर्मा ने पिछले वर्ष कुंवरगढ़ महोत्सव के दौरान इस मांग को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने रखा था। निर्णय की खबर से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

Oct 28, 2026 - 18:35
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कूंरा का नाम बदलकर होगा कुंवरगढ़, कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्षेत्र में जश्न

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को लेकर एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर पुनः कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। इस निर्णय को क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। घोषणा के बाद कूंरा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल होने की बात कही गई है।

छत्तीसगढ़ के प्राचीन 36 गढ़ों में शामिल रहा कुंवरगढ़

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ की प्राचीन भौगोलिक और प्रशासनिक व्यवस्था में 36 गढ़ों का विशेष महत्व रहा है। इनमें कुंवरगढ़ की भी ऐतिहासिक पहचान बताई गई है। समय के साथ नगर के नाम में बदलाव होने से इसकी पुरानी पहचान प्रभावित हुई। अब कूंरा का नाम पुनः कुंवरगढ़ किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस निर्णय से स्थानीय इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति नई पीढ़ी की रुचि बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

विधायक अनुज शर्मा की पहल का किया गया उल्लेख

नाम परिवर्तन के इस निर्णय में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा की पहल को प्रमुखता दी गई है। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पिछले वर्ष आयोजित कुंवरगढ़ महोत्सव के दौरान उन्होंने इस प्राचीन नगर के ऐतिहासिक महत्व को उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने का आग्रह किया था। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस मांग के पूरा होने की बात कही गई है।

सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा निर्णय

विधायक अनुज शर्मा ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, किसी भी क्षेत्र का नाम केवल पहचान का माध्यम नहीं होता, बल्कि वह वहां के इतिहास, परंपरा और पूर्वजों की विरासत से भी जुड़ा होता है। उन्होंने नाम परिवर्तन को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता के पुनरुद्धार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कैबिनेट की मंजूरी की खबर के बाद धरसींवा क्षेत्र और कूंरा के नागरिकों में उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों ने इस पहल को ऐतिहासिक पहचान से जोड़ते हुए खुशी जताई और विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्र में मिठाई बांटने, आतिशबाजी और एक-दूसरे को बधाई देने के साथ जश्न मनाए जाने का उल्लेख भी विज्ञप्ति में किया गया है।

कूंरा का नाम कुंवरगढ़ किए जाने का प्रस्ताव ऐतिहासिक पहचान, स्थानीय जनभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा विषय बन गया है। हालांकि, नाम परिवर्तन के प्रशासनिक रूप से प्रभावी होने की तारीख और आगे की औपचारिक प्रक्रिया का विवरण उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दिया गया है।