कोनकोना राशन दुकान में शक्कर वितरण पर सवाल, ₹17 की जगह ₹20 लेने और कम तौल के आरोप

कोरबा जिले के पौड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोनकोना स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में शक्कर वितरण को लेकर हितग्राहियों ने निर्धारित दर से अधिक राशि लेने और कम तौल किए जाने के आरोप लगाए हैं। हितग्राहियों के अनुसार ₹17 प्रति किलो निर्धारित शक्कर के लिए ₹20 लिए जा रहे हैं और एक किलो की मात्रा में 60 से 70 ग्राम तक कमी होने का दावा किया गया है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

Sep 30, 2026 - 15:54
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कोनकोना राशन दुकान में शक्कर वितरण पर सवाल, ₹17 की जगह ₹20 लेने और कम तौल के आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l कोरबा जिले के पौड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनकोना में संचालित शासकीय उचित मूल्य विक्रय केंद्र में शक्कर वितरण को लेकर हितग्राहियों ने शिकायतें सामने रखी हैं। जागृति स्व सहायता समूह द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान, आईडी क्रमांक 552005067, में शक्कर वितरण के दौरान निर्धारित दर से अधिक राशि लिए जाने और कम तौल किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

हितग्राहियों का कहना है कि निर्धारित दर के अनुसार उन्हें शक्कर ₹17 प्रति किलोग्राम की दर से मिलनी चाहिए, लेकिन दुकान पर कथित तौर पर ₹20 प्रति किलोग्राम की दर से राशि ली जा रही है। हितग्राहियों द्वारा लगाए गए इस आरोप की पुष्टि अभी आधिकारिक जांच के माध्यम से नहीं हुई है। ऐसे में निर्धारित दर और कथित रूप से ली जा रही राशि के अंतर की जांच आवश्यक है।

तौल में भी कमी का दावा

हितग्रियों ने कीमत के साथ-साथ राशन की मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उचित मूल्य दुकान से एक किलो शक्कर लेने के बाद जब उसे दूसरी जगह दोबारा तौला गया, तो वजन में लगभग 60 से 70 ग्राम तक की कमी सामने आई। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

यदि निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने की शिकायत सही पाई जाती है, तो इससे राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े हो सकते हैं। हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मात्रा और दर के अनुसार ही राशन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित विभाग द्वारा दुकान के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड, हितग्राहियों को जारी की गई राशन पर्ची, निर्धारित बिक्री दर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और दुकान में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जा सकता है।

हितग्राहियों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित दर से अधिक राशि लेने या कम तौल की शिकायत जांच में सही पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित विभाग की जांच और सत्यापन से यह स्पष्ट होगा कि शक्कर वितरण में वास्तव में निर्धारित दर या मात्रा से किसी प्रकार का अंतर किया गया है या नहीं।