दीपावली से पहले कोंडागांव में मिठाई दुकानों की जांच का इंतजार, मिलावटी मावे को लेकर लोगों में चिंता
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही कोंडागांव में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है। इसी बीच मावे और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका को लेकर लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन से मिठाई दुकानों में इस्तेमाल होने वाले मावे, घी और तेल की गुणवत्ता जांचने की मांग की है। खाद्य अधिकारी रोशन वर्मा के अनुसार, विभाग जांच अभियान शुरू करने की तैयारी में है और मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है। त्योहार के दौरान लोग बड़ी संख्या में मिठाई खरीदते हैं और एक-दूसरे को उपहार में भी देते हैं। लेकिन बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी की आशंका भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। कोंडागांव जिले में मिठाई दुकानों पर इस्तेमाल किए जा रहे मावे, खोवा और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन से समय रहते जांच अभियान शुरू करने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर कुछ मिष्ठान दुकानों में घटिया गुणवत्ता के मावे और मिलावटी सामग्री से मिठाइयां तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जिले में किसी दुकान के खिलाफ मिलावट की पुष्टि या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय जांच और प्रयोगशाला परीक्षण की जरूरत बताई जा रही है।
लोगों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार से पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सक्रिय होकर मिठाई दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करनी चाहिए। दुकानों में उपयोग किए जा रहे मावे, खोवा, घी, तेल और दूसरे खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए। यदि किसी खाद्य सामग्री में मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
आमतौर पर त्योहारों के दौरान मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग में तेजी आती है। इस दौरान उत्पादन और बिक्री बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जांच अभियान केवल त्योहार के एक-दो दिन पहले चलाने के बजाय पर्याप्त समय पहले शुरू किया जाना चाहिए, ताकि संदिग्ध खाद्य सामग्री की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस संबंध में कोंडागांव के अभीहित अधिकारी रोशन वर्मा ने बताया कि दीपावली त्योहार को देखते हुए विभाग पूरी तरह तैयार है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि होटलों और मिठाई दुकानों में जल्द ही जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नकली मिठाई बनाने और बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य अधिकारी के इस बयान के बाद अब जिले में जांच अभियान शुरू होने का इंतजार है। लोगों की मांग है कि विभाग केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि मिठाई दुकानों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करे। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएं और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाए।
दीपावली के मौके पर हर परिवार चाहता है कि त्योहार की खुशियां सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाली मिठाइयों के साथ मनाई जाएं। ऐसे में खाद्य विभाग की जिम्मेदारी है कि वह समय रहते निगरानी और जांच सुनिश्चित करे। अब देखना होगा कि कोंडागांव में खाद्य विभाग कब से अभियान शुरू करता है और त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है।