सेवा सेतु शिविर में मत्स्य पालकों को जाल, आइस बॉक्स, मछली बीज और मत्स्य आदान सामग्री वितरित

कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम बेड़मा में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मत्स्य पालन विभाग ने मत्स्य हितग्राहियों को जाल, आइस बॉक्स, मछली बीज और मत्स्य आदान सामग्री वितरित की। विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना की मौजूदगी में हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिया गया।

Oct 6, 2026 - 18:29
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सेवा सेतु शिविर में मत्स्य पालकों को जाल, आइस बॉक्स, मछली बीज और मत्स्य आदान सामग्री वितरित

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम बेड़मा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मत्स्य पालन विभाग द्वारा क्षेत्र के मत्स्य पालकों और हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन तथा आर्थिक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत मत्स्य आदान सामग्री और आवश्यक संसाधनों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देना और इससे जुड़े परिवारों की आय के अवसरों को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना उपस्थित रहीं।

अतिथियों द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों को आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री का उपयोग मत्स्य पालन, मछली पकड़ने, मछली बीज संवर्धन और ताजी मछली के सुरक्षित भंडारण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा।

मत्स्याखेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम आदेनबेड़ा के केवल सिंह और ग्राम अरण्डी के भीमसेन बघेल को मछली पकड़ने के जाल प्रदान किए गए। इन संसाधनों के माध्यम से हितग्राहियों को मत्स्याखेट गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहायता मिलेगी। वहीं स्पॉन संवर्धन योजना के अंतर्गत ग्राम तोषकापाल के बलदेव मरकाम और ग्राम सिलाटी के अमर सिंह को मछली की बेहतर बढ़वार के लिए एग्रीमिन फोर्ट और बायोमरीन उत्पाद प्रदान किए गए।

शिविर में ताजी मछली के सुरक्षित भंडारण और विक्रय की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए ग्राम निराछिंदली के भीमसेन नेताम को आइस बॉक्स प्रदान किया गया। आइस बॉक्स के माध्यम से मछली को बिक्री के दौरान सुरक्षित रखने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे मत्स्य पालकों को स्थानीय बाजार में अपनी उपज को बेहतर तरीके से बेचने में सुविधा मिल सकती है।

इसके अलावा मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रवण नेताम, सुखचंद नाग, धनराज मंडावी, जगदेव नेताम, सोमनाथ और भीमसेन बघेल को मछली बीज प्रदान किया गया। मछली बीज मिलने से हितग्राही अपने उपलब्ध जल संसाधनों में मत्स्य पालन को आगे बढ़ा सकेंगे और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर सकेंगे।

सेवा सेतु शिविर के माध्यम से विभाग ने मत्स्य पालकों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया। इस दौरान हितग्राहियों को उपलब्ध कराई गई सामग्री को उनकी आवश्यकताओं और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए वितरित किया गया। विभाग का उद्देश्य मत्स्य पालन को केवल पारंपरिक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय इसे स्थानीय स्तर पर आजीविका और आय का मजबूत माध्यम बनाना है।

विभाग के अनुसार, जाल, मछली बीज, आइस बॉक्स और मत्स्य आदान सामग्री मिलने से लाभार्थियों को अपनी मत्स्य पालन गतिविधियों को विस्तार देने में सहायता मिलेगी। इससे उत्पादन और विपणन से जुड़े कार्यों को बेहतर बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसरों में वृद्धि की संभावना है। सेवा सेतु शिविर के माध्यम से शासकीय योजनाओं और हितग्राहियों के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास किया गया।