कोंडागांव: कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र का किया निरीक्षण, युवाओं को गांव में ही मिलेंगे रोजगार के अवसर
कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोनगुड़ में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं युवतियों से संवाद कर सुविधाओं और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जानकारी ली। केंद्र में गारमेंट फैक्ट्री इकाई शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों के लिए आवासीय और बस सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव/फरसगांव। जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोनगुड़ में विकसित किए जा रहे आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र का कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने गुरुवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जानकारी ली। कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं युवतियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव जाने। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीणों और पुनर्वासित व्यक्तियों से चर्चा करते हुए बताया कि शासन द्वारा जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी युवाओं को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी दिशा में ग्राम कोनगुड़ में आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर ने बताया कि केंद्र में गारमेंट फैक्ट्री इकाई प्रारंभ होने से स्थानीय युवक-युवतियों को प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका के नए विकल्प विकसित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार की तलाश में अपने गांव से बाहर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने ग्रामीण युवक-युवतियों से अपील की कि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करें। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा विभिन्न व्यवसायों के लिए आवश्यक दक्षता हासिल कर सकते हैं। इससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वरोजगार और आजीविका से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने में भी सहायता मिल सकती है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवक-युवतियों की संख्या और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र में आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बस सुविधा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इन व्यवस्थाओं से दूरस्थ गांवों के युवाओं को प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचने और नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करने में सुविधा मिल सकेगी।
आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र में विभिन्न रोजगारपरक विषयों पर प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, राजमिस्त्री, प्लंबर, किसान ड्रोन ऑपरेटर, टिम्बर फॉरेस्ट प्रोड्यूस कलेक्टर, प्रसंस्कृत खाद्य उद्यमी, सोलर पैनल स्थापना टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, मेटल क्राफ्ट आर्टिजन और आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, स्थानीय रोजगार और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के युवक-युवतियों और पुनर्वासित व्यक्तियों को प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
निरीक्षण के अवसर पर फरसगांव के प्रभारी एसडीएम दिलीप उइके, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेन्द्र नेताम, लाइवलीहुड के प्रभारी अधिकारी पुनेश्वर वर्मा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।