कवर्धा जिला अस्पताल में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन से घुमुक लाल की जिंदगी में लौटी रोशनी
कबीरधाम जिले के ग्राम बरेंडा निवासी घुमुक लाल को मोतियाबिंद के कारण कम दिखाई देता था और रात में चलने-फिरने में परेशानी होती थी। जिला अस्पताल कवर्धा में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद अब उन्हें पहले से बेहतर दिखाई देने लगा है। उपचार के साथ निःशुल्क भोजन और आने-जाने की सुविधा मिलने से उन्हें आर्थिक राहत भी मिली।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l आंखों की रोशनी कम होने से रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है। खासकर रात में चलने-फिरने और सामान्य गतिविधियों को पूरा करने में परेशानी होती है। ग्राम बरेंडा निवासी घुमुक लाल भी मोतियाबिंद के कारण ऐसी ही समस्या का सामना कर रहे थे। जिला अस्पताल कवर्धा में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद अब उन्हें पहले की तुलना में बेहतर दिखाई देने लगा है। इससे उनके दैनिक जीवन में होने वाली कठिनाइयां कम हुई हैं और सामान्य कामकाज करना आसान हुआ है।
घुमुक लाल को मोतियाबिंद के कारण आंखों से कम दिखाई देता था। इस समस्या का असर उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ रहा था। विशेष रूप से रात के समय चलने-फिरने में उन्हें काफी दिक्कत होती थी। आंखों की कमजोर रोशनी के कारण सामान्य कार्यों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। ऐसे में मोतियाबिंद का उपचार उनके लिए आवश्यक था, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग, कबीरधाम के माध्यम से घुमुक लाल का जिला अस्पताल कवर्धा में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इस उपचार की खास बात यह रही कि ऑपरेशन के साथ उन्हें निःशुल्क भोजन और आने-जाने की सुविधा भी प्रदान की गई। इससे उपचार के लिए होने वाले खर्च की चिंता कम हुई और अस्पताल तक पहुंचने तथा वापस लौटने में भी सहूलियत मिली।
ऑपरेशन के बाद दैनिक कामकाज में मिली राहत
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद घुमुक लाल को पहले की तुलना में बेहतर दिखाई देने लगा है। आंखों की समस्या के कारण रोजमर्रा के कामों में होने वाली कठिनाइयों में कमी आई है। अब सामान्य गतिविधियां करने में उन्हें पहले से अधिक सुविधा मिल रही है। उपचार से मिली इस राहत ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। निःशुल्क ऑपरेशन के साथ भोजन और परिवहन की सुविधा मिलने से उनके परिवार पर उपचार संबंधी आर्थिक बोझ भी कम हुआ।
घुमुक लाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी आंख का ऑपरेशन निःशुल्क किया गया और इसके लिए उन्हें कोई खर्च नहीं करना पड़ा। अस्पताल में भोजन की सुविधा भी मिली तथा आने-जाने के लिए भी निःशुल्क व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद अब उन्हें पहले से ठीक दिखाई दे रहा है। इस सुविधा के लिए उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
निःशुल्क उपचार से ग्रामीणों को राहत
घुमुक लाल का अनुभव बताता है कि आंखों की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए समय पर उपचार कितना महत्वपूर्ण है। मोतियाबिंद के कारण दृष्टि प्रभावित होने पर दैनिक जीवन कठिन हो सकता है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध उपचार सुविधाएं जरूरतमंद मरीजों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। जिला अस्पताल कवर्धा में घुमुक लाल को मिले निःशुल्क ऑपरेशन, भोजन और परिवहन की सुविधा से उन्हें उपचार लेने में सहूलियत मिली। बेहतर दृष्टि मिलने के बाद अब उनके लिए रोजमर्रा के काम करना पहले से आसान हो गया है।