राज्यपाल रमेन डेका से महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने की भेंट, बस्तर दशहरा में शामिल होने का दिया निमंत्रण

राज्यपाल रमेन डेका से बस्तर राज परिवार के माटी पुजारी एवं रथपति महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने लोक भवन में सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजनों महाराजा नवाखाई और महाराजा बाहर रहनी में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस दौरान बस्तर दशहरा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी भी दी गई।

Oct 7, 2026 - 09:20
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राज्यपाल रमेन डेका से महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने की भेंट, बस्तर दशहरा में शामिल होने का दिया निमंत्रण

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका से बस्तर राज परिवार के माटी पुजारी एवं रथपति महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने लोक भवन में सौजन्य भेंट की। इस दौरान महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल को बस्तर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुलाकात के दौरान बस्तर दशहरा से जुड़ी परंपराओं और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की जानकारी भी साझा की गई।

महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल रमेन डेका को दशहरा उत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले महाराजा नवाखाई एवं महाराजा बाहर रहनी कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बस्तर दशहरा की विशिष्ट परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और उत्सव के विभिन्न आयोजनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बस्तर दशहरा अपनी अलग-अलग रस्मों, परंपराओं और लोक आस्था के कारण छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में विशेष स्थान रखता है।

बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। उत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न पारंपरिक आयोजनों में बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। इसी विरासत को करीब से जानने और प्रमुख आयोजनों में शामिल होने के उद्देश्य से महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल को आमंत्रित किया।

राज्यपाल रमेन डेका ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोक आस्था का प्रतीक है। इसकी अनूठी परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने बस्तर दशहरा से जुड़ी परंपराओं और आयोजनों के महत्व को रेखांकित किया।

मुलाकात के दौरान बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और दशहरा उत्सव की विशिष्ट पहचान पर भी चर्चा हुई। बस्तर दशहरा में स्थानीय परंपराओं और लोक आस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, जिसके कारण यह उत्सव प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है।

महाराजा कमल चंद्र भंज देव द्वारा राज्यपाल को दिए गए निमंत्रण से आगामी बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजनों में उनकी संभावित सहभागिता को लेकर भी उत्सुकता बढ़ी है। महाराजा नवाखाई और महाराजा बाहर रहनी जैसे आयोजन बस्तर दशहरा की परंपरागत संरचना का हिस्सा हैं और इनके माध्यम से बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत सामने आती है।

राज्यपाल और बस्तर राज परिवार के बीच हुई इस भेंट में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक विरासत के संरक्षण की भावना प्रमुख रूप से सामने आई। बस्तर दशहरा जैसे आयोजन स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और आस्था को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।