दिवाली पर मुख्य द्वार पर रखें ये पांच शुभ चीजें, धार्मिक मान्यता के अनुसार मां लक्ष्मी के स्वागत की है परंपरा

दिवाली पर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आम या अशोक के पत्तों का तोरण, फूलों की माला, रंगोली, दीपक और स्वास्तिक जैसे शुभ प्रतीकों से मुख्य द्वार सजाया जाता है। इसके साथ मां लक्ष्मी के चरण चिह्न, पूजा स्थल की दिशा और दीपक जलाने के स्थानों का भी विशेष महत्व माना जाता है।

Nov 5, 2026 - 11:58
 0  7
दिवाली पर मुख्य द्वार पर रखें ये पांच शुभ चीजें, धार्मिक मान्यता के अनुसार मां लक्ष्मी के स्वागत की है परंपरा

UNITED NEWS OF ASIA. दीपावली का पर्व रोशनी, खुशियों और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर घरों में साफ-सफाई, सजावट और पूजा की विशेष तैयारियां की जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की रात मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर के मुख्य द्वार को विशेष रूप से सजाना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि लोग दरवाजे पर रंगोली, स्वास्तिक, शुभ-लाभ और दीपक लगाकर घर को आकर्षक बनाते हैं। मान्यता है कि स्वच्छ और सजे हुए घर में सकारात्मकता का वातावरण बनता है।

मुख्य द्वार पर बनाएं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न

दिवाली पर मुख्य द्वार से घर के अंदर की ओर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न बनाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन्हें इस तरह बनाया जाता है, जैसे मां लक्ष्मी घर में प्रवेश कर रही हों। चरण चिह्न बनाने के लिए कुमकुम, रोली या लाल रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें मुख्य द्वार से पूजा स्थल की दिशा में बनाना शुभ माना जाता है।

स्वास्तिक और शुभ-लाभ का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में स्वास्तिक को मंगल और शुभता का प्रतीक माना गया है। दिवाली के अवसर पर मुख्य दरवाजे के दोनों ओर या ऊपर स्वास्तिक बनाया जा सकता है। इसे कुमकुम, हल्दी या रोली से बनाने की परंपरा है। इसके साथ दरवाजे पर शुभ-लाभ लिखकर घर में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

मां लक्ष्मी की पूजा के लिए सही दिशा

दिवाली की पूजा से पहले घर के मंदिर को साफ करके व्यवस्थित करना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं को साफ चौकी पर लाल या पीले कपड़े के ऊपर स्थापित किया जा सकता है। पूजा करते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना भी शुभ माना जाता है।

मुख्य द्वार पर रखें ये पांच शुभ चीजें

दिवाली पर मुख्य द्वार को सजाने के लिए पांच चीजों का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। इनमें आम या अशोक के पत्तों का तोरण, फूलों की माला, रंगोली, दीपक और स्वास्तिक शामिल हैं। धार्मिक परंपरा में इन चीजों को शुभता, मंगल और उत्सव से जोड़कर देखा जाता है। दरवाजे पर तोरण और फूलों की माला लगाने से सजावट आकर्षक दिखती है, जबकि रंगोली और स्वास्तिक घर के प्रवेश द्वार को पारंपरिक रूप देते हैं। मुख्य द्वार के आसपास साफ-सफाई रखना और अनावश्यक सामान जमा नहीं होने देना भी जरूरी माना जाता है।

चौखट और इन स्थानों पर जलाएं दीपक

दीपावली की रात घर की चौखट और मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा है। इसके अलावा तुलसी के पौधे के पास, घर के मंदिर, रसोई और आंगन में भी दीपक जलाए जाते हैं। प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक रखने से घर का वातावरण रोशनी से जगमगा उठता है। रंगोली के बीच रखा दीपक सजावट को और सुंदर बनाता है।

इस तरह दिवाली पर घर की सफाई, शुभ चिह्नों, फूलों, रंगोली और दीपों से मुख्य द्वार को सजाकर मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां की जाती हैं। हालांकि ये सभी बातें धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।