धमतरी: गंगरेल जलाशय में नाव पलटने से टापू पर फंसा मछुआरा, वाटर एम्बुलेंस से सुरक्षित रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के गंगरेल जलाशय में मौसम बिगड़ने और तेज लहरों के बीच नाव पलटने से ग्राम बरारी निवासी मछुआरा बबलू निषाद टापू पर फंस गए। सूचना मिलने पर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम ने वाटर एम्बुलेंस की मदद से उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस अभियान में स्थानीय लोगों की सूचना और जिला प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय की अहम भूमिका रही।

Oct 29, 2026 - 15:21
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धमतरी: गंगरेल जलाशय में नाव पलटने से टापू पर फंसा मछुआरा, वाटर एम्बुलेंस से सुरक्षित रेस्क्यू

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित गंगरेल जलाशय में अचानक मौसम बदलने और तेज लहरों के बीच संकट में फंसे एक मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया गया। ग्राम बरारी निवासी बबलू निषाद की नाव पलटने के बाद वे एक टापू पर फंस गए थे। सूचना मिलने पर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाटर एम्बुलेंस की मदद से उनका रेस्क्यू किया और सुरक्षित गांव पहुंचाया। इस अभियान में स्थानीय लोगों की सतर्कता और जिला प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बबलू निषाद पेशे से मछुआरे हैं। वे बीते दिनों लकड़ी चुनने के लिए नाव से ठेमली आइलैंड गए थे। इसी दौरान मौसम में अचानक बदलाव आया और हवा की गति बढ़ने से गंगरेल जलाशय में लहरें तेज हो गईं। प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे से पहले उन्होंने अपने परिवार से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी थी। नाव पलटने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हो गए।

हिम्मत दिखाकर दूसरे टापू पर पहुंचे मछुआरे

नाव पलटने के बाद बबलू निषाद ने मुश्किल परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने लगभग 100 मीटर तक तैरकर दूसरे टापू पर पहुंचकर आश्रय लिया। हालांकि, अंधेरा होने के कारण जंगल में रास्ता तलाशना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। जलाशय का विस्तृत क्षेत्र, तेज लहरें और अंधेरा होने से उनकी सुरक्षित वापसी की चिंता बढ़ गई थी। इस दौरान परिवार के सदस्य और ग्रामीण उनकी मदद के लिए प्रयासरत रहे।

वाटर एम्बुलेंस से किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

परिजनों और ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम सक्रिय हुई। टीम ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए वाटर एम्बुलेंस की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया। बचाव दल ने बबलू निषाद को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके गांव पहुंचाया। इस अभियान में सत्येंद्र शिव, राजेश मुकेश सहित टीम के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय पर मिली सूचना और बचाव दल की तत्परता से मछुआरे की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।

जिला प्रशासन के सहयोग से अभियान को मिला संबल

गंगरेल जलाशय जैसे बड़े जलक्षेत्र में आपात स्थिति के दौरान त्वरित सूचना, उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग और संबंधित पक्षों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में स्थानीय लोगों की सतर्कता, बचाव दल की सक्रियता और जिला प्रशासन के सहयोग ने राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी बनाने में मदद की।

यह घटना जलाशय में नाव से आवागमन करने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतने का संदेश भी देती है। नाव से निकलने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेना, सुरक्षा के आवश्यक उपाय अपनाना और तेज हवा या लहरों के दौरान जोखिम लेने से बचना जरूरी है। आपात स्थिति में तत्काल परिजनों और संबंधित बचाव दल को सूचना देने से समय पर सहायता मिल सकती है।