विजयादशमी पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की पूजा-अर्चना, कवर्धा में रावण दहन कार्यक्रम में हुए शामिल
कवर्धा के छीरपानी कॉलोनी में आयोजित दशहरा उत्सव में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सपरिवार शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की पूजा-अर्चना कर रावण दहन कार्यक्रम में भाग लिया। मां दुर्गा की आरती कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l विजयादशमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित छीरपानी कॉलोनी में आयोजित भव्य दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सपरिवार दशहरा पर्व मनाया और भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उप मुख्यमंत्री ने रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होकर बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
विजयादशमी पर्व के अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छीरपानी कॉलोनी स्थित मां दुर्गा पंडाल में पहुंचकर सपरिवार आरती में भाग लिया। उन्होंने माता बम्लेश्वरी की आराधना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने दुर्गोत्सव समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और स्थानीय नागरिकों से आत्मीय मुलाकात की तथा सभी को विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
दशहरा उत्सव के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और विजयादशमी पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और सदाचार की विजय का शाश्वत संदेश देने वाला पर्व है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और मानव जीवन में नैतिक मूल्यों के महत्व को स्थापित करते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण दहन का वास्तविक संदेश केवल बुराई के प्रतीक का अंत करना नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों को समाप्त करना भी है। विजयादशमी हमें आत्मचिंतन करने तथा अपने जीवन में अच्छाई, सद्भाव और सकारात्मकता को अपनाने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि जब समाज सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तभी वास्तविक अर्थों में विजयादशमी का उद्देश्य सार्थक होता है।
विजय शर्मा ने कहा कि दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह त्योहार हमें आपसी भाईचारे, प्रेम, सहयोग और सद्भाव के साथ रहने की प्रेरणा देता है। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं समाज को एकजुट रखने के साथ नई पीढ़ी को संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती हैं। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी विरासत को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों और आयोजन समिति के सदस्यों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छीरपानी कॉलोनी में आयोजित दशहरा उत्सव श्रद्धा, आस्था और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहने की कामना करते हुए विजयादशमी के संदेश को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।